सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: जानें क्या है कारण?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
नई दिल्ली: देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से बड़ी गिरावट आई है। आज, 29 जून को, प्रमुख शहरों में कीमती धातुओं के दाम में भारी कमी देखी गई। इस सप्ताह के दौरान, 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,510 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत भी लगभग 2,300 रुपये कम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोने की कीमत 4,077.64 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री की अपील का प्रभाव
प्रधानमंत्री की अपील का बड़ा असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर देखने को मिल रहा है। इंडियन बुलियन एसोसिएशन के अनुसार, 10 मई के बाद से सोने की कीमतों में कुल 13,267 रुपये की कमी आई है। उन्होंने जनता से आग्रह किया था कि वे सोने की गैर-जरूरी खरीदारी से बचें ताकि देश की विदेशी मुद्रा सुरक्षित रह सके।
प्रमुख महानगरों में सोने के दाम
प्रमुख महानगरों में आज के सोने के दाम
देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय टैक्स और चुंगी के कारण सोने की कीमतों में भिन्नता देखी जा रही है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,44,090 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,32,090 रुपये है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,940 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,31,940 रुपये प्रति 10 ग्राम है। चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,45,850 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,33,690 रुपये प्रति 10 ग्राम है। पुणे और बेंगलुरु में भी कीमतें मुंबई के समान हैं।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट
चांदी की चमक भी पड़ी फीकी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। 29 जून को चांदी की घरेलू कीमत 2,39,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। पिछले एक हफ्ते में चांदी के दाम में 10,000 रुपये प्रति किलो की कमी आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट सिल्वर की कीमत 59.12 डॉलर प्रति औंस है।
गिरावट के कारण
आखिर क्यों आ रही है बाजार में यह गिरावट?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे दो मुख्य वैश्विक कारण हैं। पहला, अमेरिकी डॉलर की मजबूती है, जिसके कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर बढ़ रहे हैं। दूसरा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की आशंका है। जब डॉलर मजबूत होता है या ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने की कीमतों पर दबाव बनता है।