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सोने और चांदी की कीमतों में संभावित वृद्धि: नई रिपोर्ट में भविष्यवाणियाँ

एक नई रिपोर्ट में सोने और चांदी की कीमतों में संभावित वृद्धि के बारे में महत्वपूर्ण भविष्यवाणियाँ की गई हैं। मोनार्क पीएमएस की इस रिपोर्ट के अनुसार, यदि आर्थिक परिस्थितियाँ अनुकूल रहती हैं, तो सोने की कीमत 5,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुँच सकती है। रिपोर्ट में 'बुल केस', 'बेस केस' और 'बेयर केस' परिदृश्यों का विश्लेषण किया गया है, जो निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत प्रदान करता है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या कहा गया है और कैसे ये भविष्यवाणियाँ बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।
 

सोने और चांदी की कीमतों का भविष्य

नई दिल्ली - वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, ब्याज दरों के रुख और कीमती धातुओं की मांग पर चल रही चर्चाओं के बीच, मोनार्क पीएमएस द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट ने सोने और चांदी के लिए सकारात्मक भविष्यवाणियाँ की हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यदि परिस्थितियाँ अनुकूल रहती हैं, तो वर्ष 2026 के अंत तक सोने की कीमत 5,000 से 5,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 95 से 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुँच सकती है।


इस रिपोर्ट में 'बुल केस' की संभावना 25 प्रतिशत बताई गई है। यदि अमेरिकी श्रम बाजार में कमजोरी आती है और फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, संस्थागत निवेशकों का कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाना और चांदी की भौतिक आपूर्ति में कमी भी इस तेजी के लिए आवश्यक है।


हालांकि, रिपोर्ट का सबसे संभावित परिदृश्य 'बेस केस' है, जिसे 55 प्रतिशत संभावना दी गई है। इस स्थिति में, 2026 के अंत तक सोने की कीमत 4,300 से 4,700 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 70 से 85 डॉलर प्रति औंस के बीच रह सकती है। यह अनुमान इस धारणा पर आधारित है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सितंबर तक ब्याज दरों को स्थिर रखेगा।


रिपोर्ट में 'बेयर केस' परिदृश्य भी शामिल है, जिसकी संभावना 20 प्रतिशत आंकी गई है। यदि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में वृद्धि करता है और कच्चे तेल की कीमतें गिरती हैं, तो सोने की कीमत 3,400 से 3,900 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 45 से 55 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ सकती है। मोनार्क पीएमएस के अनुसार, सोने के लिए सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी मुद्रास्फीति-संरक्षित प्रतिभूतियों का वास्तविक प्रतिफल है।


चांदी के बुनियादी कारकों को रिपोर्ट ने मजबूत बताया है। चांदी का बाजार लगातार घाटे में है, और 2021 से अब तक लगभग 762 मिलियन औंस चांदी की खपत हो चुकी है। वैश्विक खनन उत्पादन पिछले एक दशक से स्थिर है, जिससे भविष्य में मांग बढ़ने पर कीमतों में तेजी की संभावना बन सकती है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने-चांदी का अनुपात सामान्य हो गया है, जो जनवरी में 46 गुना से बढ़कर अब लगभग 69 गुना हो गया है। हाल के महीनों में चांदी ने अपनी बढ़त का बड़ा हिस्सा खो दिया है और अब यह सोने की तुलना में सस्ती दिखाई देती है।