सोने की कीमतों में तेजी: डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की गिरावट का असर
सोने की कीमतों में उछाल
गुरुवार को सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बावजूद, कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में कमी ने सोने की मांग को बढ़ावा दिया है। निवेशक अब अमेरिका के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों के भविष्य के रुख पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
सोने की कीमतों में वृद्धि
हालिया आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को शुरुआती कारोबार में हाजिर सोने की कीमत लगभग 2.4 प्रतिशत बढ़कर 4,366.93 डॉलर प्रति औंस हो गई। वहीं, सोने के वायदा भाव में भी 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 4,406.75 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। बाद में, हाजिर सोना 4,361.07 डॉलर प्रति औंस पर 2.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ स्थिर रहा।
सोने की तेजी के कारण
सोने की इस तेजी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें से सबसे प्रमुख कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। हाल के दिनों में, तेल और सोने के बीच उलटा संबंध देखा गया है। जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो महंगाई की चिंता भी बढ़ जाती है, जिससे ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ती है।
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद है। गुरुवार को, कच्चे तेल की कीमतें एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गईं। आपूर्ति संबंधी चिंताओं में कमी आई है, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
डॉलर की कमजोरी का प्रभाव
डॉलर में कमजोरी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक पिछले सात सप्ताह के उच्चतम स्तर से नीचे आया है। आमतौर पर, डॉलर के कमजोर होने पर अन्य मुद्राओं में सोने की कीमतें कम हो जाती हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ सकती है।
ब्याज दरों में वृद्धि
अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने बुधवार को ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे दरों का लक्ष्य 3.75 से 4 प्रतिशत के बीच हो गया है। यह लगभग तीन वर्षों में पहली बार है जब ब्याज दर बढ़ाई गई है। केंद्रीय बैंक ने महंगाई के ऊंचे स्तर पर बने रहने की बात कही है।
बाजार की भविष्यवाणियाँ
केंद्रीय बैंक के प्रमुख ने महंगाई पर नियंत्रण की प्रतिबद्धता दोहराई है। अब अक्टूबर की बैठक को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 51 प्रतिशत है। आमतौर पर, ब्याज दरों में वृद्धि से सोने पर दबाव पड़ता है, लेकिन वर्तमान में डॉलर और तेल की स्थिति ने सोने को मजबूती प्रदान की है।
अन्य कीमती धातुओं में भी तेजी
सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं में भी तेजी देखी गई है। चांदी में लगभग 4.6 प्रतिशत, प्लैटिनम में 1.9 प्रतिशत और पैलेडियम में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में सोने की दिशा तय करने में अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर, कच्चे तेल और वैश्विक तनाव की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।