सोशल मीडिया ट्रेंड से शेयर बाजार में अजीब हलचल
सोशल मीडिया का असर
हाल ही में एक मजेदार सोशल मीडिया ट्रेंड ने शेयर बाजार में एक अनोखा घटनाक्रम उत्पन्न किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी का एक पैकेट भेंट किया। इस पल का वीडियो जब मेलोनी ने सोशल मीडिया पर साझा किया, तो यह तेजी से वायरल हो गया।
शेयरों की खरीदारी में उछाल
वीडियो के वायरल होते ही निवेशकों में 'पार्ले इंडस्ट्रीज लिमिटेड' के शेयर खरीदने की होड़ लग गई, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी के शेयर में अपर सर्किट लग गया। इस तेजी के चलते शेयर की कीमत 5 रुपये से बढ़कर 5.25 रुपये हो गई।
निवेशकों की गलती
दिलचस्प बात यह है कि जिस प्रसिद्ध मेलोडी टॉफी के कारण यह हलचल हुई, वह 'पार्ले प्रोडक्ट्स' द्वारा निर्मित होती है। पार्ले प्रोडक्ट्स एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। फिर भी, निवेशकों ने नाम की समानता के कारण गलती से 'पार्ले इंडस्ट्रीज' के शेयर खरीदना शुरू कर दिया। इस समय कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू लगभग 25.6 करोड़ रुपये है।
कंपनी का प्रदर्शन
हालांकि इस वायरल ट्रेंड के चलते शेयर में अचानक वृद्धि हुई, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से कंपनी का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। यह एक 'पैनी स्टॉक' है और कंपनी कोई डिविडेंड नहीं देती। इस वर्ष अब तक यह शेयर लगभग 41 प्रतिशत गिर चुका है। पिछले एक वर्ष में इसमें लगभग 68 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में करीब 45 प्रतिशत की कमी आई है।
मेलोडी का मजेदार कनेक्शन
सोशल मीडिया पर लोग पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के नाम को मिलाकर मजाक में #Melodi लिखते हैं। जब पीएम मोदी ने मेलोनी को सच में 'मेलोडी' टॉफी भेंट की, तो यह वीडियो तेजी से करोड़ों व्यूज बटोरने में सफल रहा।
बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेंडिंग खबरों या समान नामों के आधार पर बिना सोचे-समझे निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। ये दोनों कंपनियां पूरी तरह से अलग हैं। जहां पार्ले प्रोडक्ट्स मेलोडी, पार्ले-जी और मोनको जैसे बिस्कुट-टॉफी बनाती है, वहीं पार्ले इंडस्ट्रीज का कार्य इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट से संबंधित है।