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हब-एंड-स्पोक मॉडल की सुरक्षा समीक्षा, एयर इंडिया को नोटिस जारी

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। उन्होंने एयर इंडिया को सुरक्षा चूक के मामले में नोटिस जारी किया है और संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया है। इस मॉडल के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को यात्रा की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। जानें इस नए मॉडल के महत्व और मंत्रालय की योजनाओं के बारे में।
 

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को बताया कि हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत संचालित उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की चूक को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि चार सितंबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर हुई सुरक्षा चूक के मामले में नागर विमानन मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना में अमृतसर से एयर इंडिया की उड़ान से दिल्ली पहुंचे तीन इतालवी यात्री आव्रजन प्रक्रिया पूरी किए बिना लुफ्थांसा की उड़ान से म्यूनिख चले गए थे.


हब-एंड-स्पोक मॉडल का महत्व

ये यात्री हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत अमृतसर से दिल्ली होते हुए म्यूनिख जा रहे थे। इस मॉडल में अंतरराष्ट्रीय यात्री अपने प्रारंभिक हवाई अड्डे पर चेक-इन, आव्रजन और सीमा शुल्क की औपचारिकताएं पूरी करते हैं। इसके बाद, वे निर्धारित हब हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार हो सकते हैं, जिससे उन्हें दोबारा आव्रजन या सीमा-शुल्क प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होती।


सुरक्षा और सुविधा का संतुलन

नायडू ने कहा, "सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाना भी आवश्यक है। यही कारण है कि हब-एंड-स्पोक मॉडल का परिचालन महत्वपूर्ण है।" उन्होंने यह भी बताया कि भारत को एक वैश्विक विमानन केंद्र बनाने के लिए यह मॉडल आवश्यक है.


तत्काल कार्रवाई और भविष्य की योजनाएं

इस मॉडल के तहत तीन शहरों में हवाई परिचालन शुरू किया गया था, और सुरक्षा चूक के मामले में मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया के साथ बैठक कर एयरलाइन की जांच और नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। हब-एंड-स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन अहमदाबाद, वाराणसी और अमृतसर हवाई अड्डों से शुरू किया गया है.


छोटे शहरों के लिए लाभ

मंत्रालय का मानना है कि इस व्यवस्था से छोटे शहरों से अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाने, यात्रियों की सुविधा में सुधार और हवाई अड्डों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी.