हरियाणा में सोने और चांदी के दामों में वृद्धि: 18 अगस्त 2026 के ताजा रेट
हरियाणा में सोने और चांदी की कीमतें
हरियाणा में सोने और चांदी के दाम 18 अगस्त 2026: सोने और चांदी के खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। 18 अगस्त, 2026 को हरियाणा में सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, 24 कैरेट सोने का मूल्य 15,089 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने का मूल्य 14,370 रुपये प्रति ग्राम है। 18 कैरेट सोने की कीमत 11,757 रुपये प्रति ग्राम है। चांदी की कीमतें भी बढ़कर हरियाणा के प्रमुख शहरों में 2.55 लाख रुपये प्रति किलो हो गई हैं। सावन के महीने की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है, जो अभी भी जारी है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।
प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें
हरियाणा के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि हुई है। 18 अगस्त को गुरुग्राम, पानीपत, हिसार और सोनीपत में 24 कैरेट सोने का मूल्य 15,089 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोने का मूल्य 14,370 रुपये प्रति ग्राम है। 18 कैरेट सोने की कीमत 11,757 रुपये प्रति ग्राम है। पानीपत और हिसार में भी यही दरें लागू हैं, जबकि अन्य शहरों में सोने की कीमतों में थोड़ा भिन्नता देखने को मिलती है।
- 24 कैरेट – 15,089 रुपये प्रति ग्राम
- 22 कैरेट – 14,370 रुपये प्रति ग्राम
- 18 कैरेट – 11,757 रुपये प्रति ग्राम
प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें
चांदी की कीमतों की बात करें तो 18 अगस्त को गुरुग्राम और सोनीपत में चांदी का मूल्य 255 रुपये प्रति ग्राम है। किलोग्राम के हिसाब से, हरियाणा में चांदी की कीमत 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। अमेरिका-ईरान युद्ध से पहले चांदी की कीमतें काफी ऊंची थीं, लेकिन युद्ध के बाद इनमें थोड़ी गिरावट आई है।
ज्वैलरी की कीमतों में वृद्धि के कारण
सोने की कीमत में 22 और 24 कैरेट के बीच का अंतर उसकी शुद्धता के कारण होता है। 24 कैरेट सोना लगभग 99.9% शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने में लगभग 91.6% सोना होता है, जिसे आभूषण बनाने में अधिकतर उपयोग किया जाता है। हालांकि, बाजार में दिए गए ये मूल्य बेस रेट होते हैं। यदि आप सोने के आभूषण खरीदते हैं, तो मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद अंतिम कीमत अधिक हो सकती है। इसके अलावा, विभिन्न शहरों और दुकानों में स्थानीय मांग, परिवहन लागत और अन्य कारणों से कीमतों में थोड़ा अंतर भी हो सकता है। चांदी के मामले में भी ज्वैलरी में यही अंतर देखने को मिलता है।