दिल्ली-एनसीआर में बच्चों की शिक्षा का खर्च: गुरुग्राम सबसे महंगा
दिल्ली-एनसीआर में शिक्षा का बढ़ता खर्च
आज के समय में बच्चों को एक अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाना एक बड़ी चुनौती बन गई है। बढ़ती हुई फीस ने माता-पिता के लिए आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। विशेषकर यदि आप दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रहते हैं, तो यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने यह दर्शाया है कि इस क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च कहां हो रहा है, जो आपको चौंका सकता है। यह केवल दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के बीच की प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि यह उन सभी माता-पिता की कहानी है जो अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा स्कूलों को दे रहे हैं।एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बच्चों की शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च गुरुग्राम में हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में रहने वाले माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा पर दिल्ली और नोएडा-गाजियाबाद की तुलना में लगभग दोगुना खर्च कर रहे हैं।
गुरुग्राम (हरियाणा): यहां एक बच्चे की औसत वार्षिक स्कूलिंग लागत 37,148 रुपये है, जिसमें केवल कोर्स फीस, एडमिशन, परीक्षा और विकास शुल्क शामिल हैं।
दिल्ली: यहां यह औसत खर्च 20,411 रुपये है।
नोएडा-गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): यहां यह खर्च सबसे कम, यानी 19,751 रुपये सालाना है।
यह तो केवल औसत खर्च है, अगर हम एनसीआर के प्रमुख और प्रसिद्ध प्राइवेट स्कूलों की बात करें, तो यह आंकड़ा 3 लाख रुपये सालाना तक पहुंच सकता है।
स्कूल फीस के अलावा, परिवहन का खर्च भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस मामले में भी गुरुग्राम सबसे महंगा है।
गुरुग्राम में माता-पिता परिवहन पर सालाना औसतन 5,256 रुपये खर्च करते हैं।
दिल्ली में यह खर्च 3,210 रुपये है।
वहीं, नोएडा-गाजियाबाद में यह केवल 2,077 रुपये है।
गुरुग्राम इतना महंगा क्यों है? गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे हरियाणा के शहरों में कई महंगे प्राइवेट स्कूल हैं, जो अभिभावकों से उच्च फीस लेते हैं। इसके विपरीत, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के शहरों जैसे नोएडा-गाजियाबाद में सस्ते स्कूलों के कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे यहां शिक्षा का खर्च कम हो जाता है।
यह सर्वेक्षण 57,000 से अधिक छात्रों और 2.25 लाख लोगों की राय के आधार पर तैयार किया गया है।