पंजाब ने शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव के साथ केरल को पीछे छोड़ा
पंजाब के शिक्षा मंत्री का ऐलान
चंडीगढ़- पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें उन्होंने बताया कि पंजाब ने 'नीति आयोग स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स 2026' में केरल को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि 2022 में 8,000 स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी और लगभग 4 लाख छात्र चटाइयों पर पढ़ाई करने को मजबूर थे। अब, पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नीट परीक्षा पास की है, और यह राज्य पहली से 12वीं कक्षा तक 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने वाला पहला राज्य बन गया है।
स्कूलों की स्थिति में सुधार
स. बैंस ने विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा द्वारा लाए गए शिक्षा प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए बताया कि जब उन्होंने जुलाई 2022 में पदभार संभाला, तब स्कूलों की स्थिति बहुत खराब थी। उन्होंने कहा कि 8,000 से अधिक स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी और 3,200 स्कूलों में बाथरूम की सुविधा नहीं थी। इसके अलावा, पाठ्यपुस्तकें भी समय पर नहीं मिलती थीं, जिससे छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित होता था।
शिक्षा में सुधार की दिशा में कदम
स. बैंस ने बताया कि अब पाठ्यपुस्तकें 15 फरवरी तक जिला मुख्यालयों तक पहुंच जाती हैं और 31 मार्च तक वितरित कर दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब के हर जिले के 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का दौरा किया है।
मिशन समरथ का महत्व
उन्होंने बताया कि सरकार का 'मिशन समरथ' भारत के सबसे बड़े बुनियादी शिक्षा कार्यक्रमों में से एक है। इस कार्यक्रम के तहत, छात्रों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार समूहों में बांटा जाता है।
नीट परीक्षा में सफलता
स. बैंस ने बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों से नीट-यू.जी. परीक्षा पास करने वाले छात्रों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई है। यह 'पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस' (पेस) पहल का परिणाम है।
सरकारी स्कूलों की छवि में बदलाव
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति ने छात्रों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं। उन्होंने एक छात्रा हरनूरप्रीत कौर का उदाहरण दिया, जिसने अपनी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक 3140 हासिल की।
विपक्ष पर हमला
स. बैंस ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नकारात्मक सोच वाले लोगों ने सरकारी स्कूलों की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
दाखिला दर में गिरावट
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में दाखिला दर में गिरावट केवल पंजाब में नहीं, बल्कि पूरे देश में देखी गई है।
बुनियादी ढांचे में सुधार
स. बैंस ने बताया कि 19,125 सरकारी स्कूलों में 2,638 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के काम किए गए हैं। इस साल विश्व बैंक से और सुधारों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी ली गई है।
भविष्य की योजनाएं
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को पहली पसंद बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।