भारत सरकार की स्कॉलरशिप योजना: विदेश में रहने वाले भारतीय छात्रों के लिए अवसर
भारत सरकार की पहल
नई दिल्ली: भारत सरकार विदेश में निवास करने वाले भारतीय मूल के छात्रों को देश की शैक्षणिक प्रणाली से जोड़े रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस उद्देश्य के तहत, हर वर्ष एक विशेष स्कॉलरशिप योजना लागू की जाती है, जो भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
किसे मिलती है स्कॉलरशिप?
यह स्कॉलरशिप उन परिवारों के बच्चों के लिए है, जो रोजगार या अध्ययन के कारण विदेश में रह रहे हैं, लेकिन अपने बच्चों को भारत में पढ़ाना चाहते हैं। इस योजना का लाभ अनिवासी भारतीय, भारतीय मूल के व्यक्तियों और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) के बच्चों को मिलता है। इसके अतिरिक्त, ECR श्रेणी वाले देशों में कार्यरत भारतीय श्रमिकों के बच्चों को भी इस योजना का लाभ उठाने का अवसर मिलता है। यह योजना केवल अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए लागू होती है, और चिकित्सा से संबंधित पाठ्यक्रम इसमें शामिल नहीं हैं।
स्कॉलरशिप की संख्या और आरक्षण
प्रत्येक वर्ष कुल 150 स्कॉलरशिप प्रदान की जाती हैं। इनमें से 100 स्कॉलरशिप NRI, PIO और OCI छात्रों के लिए आरक्षित हैं, जबकि 50 स्कॉलरशिप ECR देशों में कार्यरत भारतीयों के बच्चों को दी जाती हैं। सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए सुरक्षित रखी गई हैं।
स्कॉलरशिप की राशि
इस योजना के अंतर्गत छात्रों को वार्षिक 4000 अमेरिकी डॉलर तक की सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस और प्रवेश शुल्क जैसी लागतों को कवर करती है, लेकिन इसमें भोजन का खर्च शामिल नहीं होता। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 3.60 लाख रुपये के बराबर होती है।
शैक्षणिक योग्यता
स्कॉलरशिप प्राप्त करने के लिए छात्रों को 11वीं और 12वीं कक्षा पास करनी आवश्यक है। अधिकांश श्रेणियों में यह शिक्षा विदेश से प्राप्त की जानी चाहिए। 12वीं कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है, और आवेदन करने से पहले भारत के किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज में प्रवेश लेना आवश्यक है।
आय सीमा
NRI, PIO और OCI छात्रों के परिवार की मासिक आय 5000 अमेरिकी डॉलर से अधिक नहीं होनी चाहिए। वहीं, ECR देशों में कार्यरत भारतीयों के बच्चों के लिए यह सीमा 3000 डॉलर निर्धारित की गई है। आय प्रमाण के लिए पेस्लिप या आयकर से संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
छात्र को पहले भारत के किसी कॉलेज में अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रम में दाखिला लेना होगा। इसके बाद, आवेदन अपने देश में स्थित भारतीय दूतावास, उच्चायोग या कॉन्सुलेट के माध्यम से जमा करना होता है। भारत में किसी कॉलेज या विभाग में सीधे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते।