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मध्य पूर्व में तनाव के कारण CBSE परीक्षाएं स्थगित

मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कई देशों में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं रद्द की गई हैं, जबकि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। जानें इस स्थिति का छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और क्षेत्र में तनाव की वजह क्या है।
 

नई दिल्ली में शिक्षा पर प्रभाव


नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य संघर्ष का असर अब छात्रों की शिक्षा पर भी पड़ने लगा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण कई देशों में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया है।


परीक्षाओं की स्थगन की जानकारी

बोर्ड ने जानकारी दी है कि कक्षा 10 की परीक्षाएं, जो 11 मार्च को होनी थीं, अब रद्द कर दी गई हैं। वहीं, कक्षा 12 की परीक्षा, जो 7 मार्च को निर्धारित थी, उसे भी फिलहाल टाल दिया गया है। प्रभावित परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा की प्रक्रिया बाद में बताई जाएगी।


CBSE का सुरक्षा पर ध्यान

सीबीएसई ने हाल ही में एक नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। इस कारण क्षेत्र में स्थित सभी संबंधित स्कूलों को नई सूचना मिलने तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव

यह निर्णय यूएई के दुबई और अबू धाबी, बहरीन, ईरान की राजधानी तेहरान, सऊदी अरब के रियाद, कुवैत, ओमान के मस्कट और कतर में स्थित सीबीएसई स्कूलों पर लागू होता है। इन देशों में हजारों भारतीय छात्र बोर्ड परीक्षाओं में भाग लेते हैं। क्षेत्र में तनाव उस समय बढ़ा जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले किए। इसके बाद ईरान ने कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे सुरक्षा चिंताएं बढ़ गईं।


संघर्ष का प्रभाव

इस संघर्ष का असर अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाए जाने की खबरें आई हैं। इसके अलावा, अजरबैजान में एक ड्रोन हमले के बाद वहां की सरकार ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।


मौतों की संख्या

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक एक हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें सैनिक और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। तेहरान में खेल परिसर, फुटबॉल स्टेडियम, नगर निगम भवन और कई दुकानों को भी हमलों में नुकसान पहुंचा है।