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हरियाणा बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा: नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम

हरियाणा बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की 10वीं और 12वीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें पुलिस की तैनाती, CCTV कैमरे और संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान शामिल है। जानें परीक्षा का समय, संवेदनशील केंद्रों की जानकारी और बोर्ड का उद्देश्य क्या है।
 

हरियाणा बोर्ड की परीक्षा की तारीखें

चण्डीगढ़: हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड (BSEH) की 10वीं और 12वीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से आरंभ हो रही हैं। राज्य में प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस ने नकल-मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी गई है।

फोटोकॉपी की दुकानों को बंद रखा जाएगा और परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर स्कैनिंग करेंगे। 10वीं कक्षा के लिए 2.95 लाख और 12वीं कक्षा के लिए 2.70 लाख छात्र शाम को परीक्षा देंगे।


परीक्षा का समय क्या होगा?

12वीं कक्षा की परीक्षाएं 25 फरवरी से 1 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएंगी, जबकि 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 26 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक चलेंगी। परीक्षा का समय दोपहर 12:30 बजे से 3:30 बजे तक रहेगा, जबकि कुछ विषयों के लिए यह 12:30 बजे से 3:00 बजे तक होगी।


नकल रोकने के लिए उठाए गए कदम

परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे, फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे। पुलिस परीक्षा से दो घंटे पहले पहुंचकर केंद्रों की जांच करेगी। परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ को इकट्ठा नहीं होने दिया जाएगा। कई जिलों में संवेदनशील और अत्यधिक संवेदनशील केंद्रों की पहचान की गई है।


संवेदनशील केंद्रों की जानकारी

सोनीपत जिले में 83 परीक्षा केंद्र हैं, जिनमें से आठ संवेदनशील श्रेणी में हैं। गोहाना ब्लॉक में सबसे अधिक 26 केंद्र हैं। जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने बताया कि सभी केंद्रों के सुपरिटेंडेंट को परीक्षा सामग्री के बैग सौंप दिए गए हैं और उन्हें नकल-मुक्त परीक्षा कराने की शपथ दिलाई गई है।

नारनौल जिले में 52 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 16,000 छात्र परीक्षा देंगे। एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और आठ फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं।

नूंह जिले में 55 स्थानों पर 65 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें आठ उच्च संवेदनशील केंद्र हैं। डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का आदेश दिया है।

रेवाड़ी जिले में 54 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में फोटोकॉपी की दुकानें बंद रहेंगी। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


बोर्ड का उद्देश्य

शिक्षा विभाग के अनुसार, इस वर्ष के बोर्ड परीक्षा का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता और नकल-मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में भीड़ और अफरा-तफरी को रोकने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सहायता ली जा रही है।