कोल्लम जिले की विधानसभा सीटों का राजनीतिक विश्लेषण
कोल्लम जिले का भूगोल और विशेषताएँ
केरल के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित यह जिला समुद्र तट से शुरू होकर पूर्व में तमिलनाडु की सीमा तक फैला हुआ है। इसके दक्षिण में तिरुवनंतपुरम और उत्तर में अलप्पुझा तथा पथनमथिट्टा जिले हैं। काजू की खेती के लिए प्रसिद्ध, इस जिले का ऐतिहासिक नाम क्विलोन था, जो अंग्रेजों द्वारा दिया गया था। अष्टामुदी झील, जो इस जिले की पहचान है, देश के तीसरे जलमार्ग, नेशनल वाटरवे 3, से जुड़ी हुई है, जो कोट्टापुरम को कोल्लम से जोड़ती है। यह जिला समुद्र और झीलों से घिरा हुआ है और अपने सुंदर पहाड़ी जंगलों के लिए भी जाना जाता है।
अष्टामुदी झील और उसके टापू
यह जिला अष्टामुदी झील के कारण अनोखा है, जो कई छोटे टापुओं का निर्माण करती है। सैन थॉम आइलैंड, आवर लेडी फातिमा आईलैंड और मैरीलैंड मैनग्रोव आइलैंड जैसे टापुओं तक पहुंचने के लिए फेरी का सहारा लेना पड़ता है। झील का विस्तार इतना है कि जिले के एक तिहाई हिस्से में इसका कोई न कोई भाग दिखाई देता है, जिससे जलमार्ग से यातायात सुगम हो जाता है।
काजू उत्पादन और अन्य आर्थिक गतिविधियाँ
पुर्तगालियों के समय से काजू की खेती के लिए प्रसिद्ध यह जिला आज भी काजू उत्पादन में अग्रणी है। कोल्लम देश में काजू का सबसे बड़ा निर्यातक जिला है। इसके अलावा, मछली पालन, पर्यटन, कृषि और हाउसबोट सेवाएँ भी स्थानीय लोगों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। काजू के साथ-साथ नारियल, रबर और मसालों की खेती भी यहाँ होती है।
राजनीतिक परिदृश्य
राजनीतिक दृष्टिकोण से, इस जिले में रेवॉल्युशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) का प्रभाव कई सीटों पर रहा है। कांग्रेस ने भी कुछ सीटों पर जीत हासिल की है। हालाँकि, RSP के बार-बार गठबंधन बदलने और पार्टी में विभाजन के कारण यह दल कमजोर हुआ है। कांग्रेस इस बार कई सीटों पर RSP के सहयोग से चुनाव लड़ रही है।
2021 विधानसभा चुनाव का विश्लेषण
RSP के कमजोर होने का लाभ लेफ्ट को मिला है, जिसने कई सीटों पर जीत हासिल की। 2021 के विधानसभा चुनाव में कोल्लम जिले की 11 सीटों में से 9 पर लेफ्ट ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस केवल 2 सीटों पर सफल रही। यदि कांग्रेस को सत्ता में वापसी करनी है, तो उसे कोल्लम जिले में जीत हासिल करनी होगी।
विधानसभा सीटों का इतिहास
पतनपुरम: यह सीट मावेलीकारा लोकसभा क्षेत्र में आती है। 2001 से केरल कांग्रेस (B) के नेता के. बी. गणेश कुमार यहाँ जीतते आ रहे हैं। कोट्टाराक्कारा: इस सीट पर लंबे समय से लेफ्ट का कब्जा है। चडयामंगलम: यहाँ 1970 से केवल एक बार कांग्रेस जीत पाई है। कुन्नतूर: यहाँ RSP का प्रभाव रहा है। करुनागापल्ली: 2021 में कांग्रेस ने वापसी की। चवारा: यहाँ RSP का गढ़ रहा है। कुंडारा: कांग्रेस ने 2021 में वापसी की। कोल्लम: यहाँ सीपीआई का मजबूत किला है। एरावीपुरम: यहाँ लेफ्ट ने पिछले दो चुनाव जीते हैं। चतन्नूर: यहाँ CPI लगातार जीतती आ रही है। पुनलूर: यहाँ 1996 से लेफ्ट का कब्जा है।