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NEET परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की आत्महत्याएं: कांग्रेस का आरोप

हाल ही में NEET परीक्षा के रद्द होने के बाद छात्रों की आत्महत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे देश में चिंता का माहौल है। कांग्रेस ने इन आत्महत्याओं को भाजपा सरकार के भ्रष्ट तंत्र में हत्या करार दिया है। राजस्थान, यूपी, गोवा और दिल्ली से छात्रों की आत्महत्या की खबरें आई हैं, जो परीक्षा के तनाव और पेपर लीक के कारण हुई हैं। जानें इस मुद्दे पर कांग्रेस का क्या कहना है और सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं।
 

NEET परीक्षा के कारण छात्रों की आत्महत्याएं


NEET परीक्षा के कारण छात्रों की आत्महत्याएं: हाल ही में पेपर लीक के चलते NEET परीक्षा को रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्रालय और एनटीए की कड़ी आलोचना की है। इस बीच, विभिन्न राज्यों से NEET की तैयारी कर रहे छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।


राजस्थान के सीकर में NEET की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र प्रदीप मेघवाल ने शनिवार (16 मई) को आत्महत्या कर ली। वहीं, यूपी के लखीमपुर खीरी से खबर आई है कि 20 वर्षीय ऋतिक मिश्रा ने परीक्षा रद्द होने के कारण आत्महत्या की। हालांकि, उनके पिता का कहना है कि ऋतिक पर कोई दबाव नहीं था।


गोवा के नेसाई क्षेत्र में रहने वाले 17 वर्षीय छात्र सिद्धार्थ हेगड़े ने भी NEET परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या की। इसके अलावा, दिल्ली के आदर्श नगर में 20 वर्षीय अंशिका पांडे, जो कई वर्षों से मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही थी, ने भी आत्महत्या कर ली।


कांग्रेस ने इन आत्महत्याओं को भाजपा सरकार के भ्रष्ट तंत्र में हत्या करार दिया है। विपक्षी दल ने एक पोस्ट में लिखा, 'जानलेवा' भाजपा सरकार... राजस्थान के सीकर में NEET की तैयारी कर रहे प्रदीप मेघवाल ने अपनी जान दे दी। इसी तरह, दिल्ली में भी अंशिका ने आत्महत्या की। इससे पहले, यूपी के लखीमपुर खीरी में ऋतिक और गोवा में सिद्धार्थ हेगड़े ने आत्महत्या की थी। ये सभी छात्र NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने के कारण तनाव में थे।



कांग्रेस ने आगे कहा, 'ये आत्महत्याएं नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के भ्रष्ट तंत्र में हुई हत्याएं हैं। आज भाजपा के संरक्षण में पेपर लीक माफिया बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, उनके सपनों को कुचल रहे हैं। पेपर लीक में पकड़े गए आरोपी कह रहे हैं- 'बड़े लोगों को बचाया जा रहा है'। ऐसे में सवाल है: मोदी सरकार छोटे प्यादों को पकड़कर किन बड़े वजीरों को बचा रही है? देश जवाब मांग रहा है।'