पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान: हिंसा और उच्च मतदान प्रतिशत की रिपोर्ट
पहले चरण का मतदान संपन्न
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान हिंसा और आरोपों के बीच संपन्न हुआ है। शाम 5 बजे तक 3.60 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया, जिससे लगभग 89.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। प्रदेशभर में तीन उम्मीदवारों पर हमले और अन्य छोटी-मोटी हिंसा की घटनाएं सामने आईं। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर कुल 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है, जिनका फैसला चार मई को होगा।
उम्मीदवारों पर हमले की घटनाएं
उम्मीदवारों पर हमले की घटनाएं
चुनाव आयोग ने बताया कि पहले चरण का मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में बीजेपी के उम्मीदवार सुवेंदु सरकार के साथ हाथापाई की गई। वहीं, आसनसोल दक्षिण में बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल की कार पर भी हमला हुआ, जिससे कार का पिछला शीशा टूट गया।
नाओदा में आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर के काफिले पर हमले के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके चलते सुरक्षाकर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान टीएमसी और आम जनता उन्नयन पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई।
बीरभूम में झड़पों की रिपोर्ट
बीरभूम में झड़पों की रिपोर्ट
कुछ स्थानों पर झड़पों के साथ-साथ मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप भी लगे। बीरभूम जिले के खोयरासोल में अफवाह फैली कि टीएमसी के वोट बीजेपी को चले गए हैं, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बूथ के बाहर भीड़ लगा ली। अधिकारियों के साथ बहस के चलते कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा।
दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के बोधपुरा गांव में भीड़ ने सीएपीएफ जवानों पर पथराव किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने बल प्रयोग किया। बीरभूम के लाभपुर और मालदा के चंचल में बीजेपी के मतदान एजेंटों पर हमले का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा।
चुनाव आयोग की रिपोर्ट
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाया, जबकि टीएमसी ने बीजेपी पर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप लगाया। चुनाव आयोग ने बताया कि सी-विजिल एप के माध्यम से दोपहर तक 375 और 500 अन्य शिकायतें प्राप्त हुईं।
मतदान का प्रतिशत
मतदान का प्रतिशत
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हुआ। 167 महिलाओं समेत कुल 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है। शाम पांच बजे तक चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 93.12 प्रतिशत मतदान दक्षिण दिनाजपुर जिले में दर्ज किया गया।
पहले चरण का महत्व
पहले चरण का महत्व
मुर्शिदाबाद जिले में करीब 91, बांकुड़ा और कूच बिहार में 92 प्रतिशत, मालदा, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में लगभग 90 प्रतिशत मतदान हुआ। पहले चरण में उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटों समेत कुल 152 सीटों पर मतदान हुआ। 2021 में बीजेपी को 59 और टीएमसी को 93 सीटों पर जीत मिली थी। इस दृष्टि से पहला चरण बीजेपी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।