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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मतदान के दौरान हिंसा की घटनाएं

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में मतदान के दौरान कई हिंसक घटनाएं हुईं। शुभेंदु सरकार पर जानलेवा हमला किया गया, जबकि मतदान केंद्रों पर तनाव की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद, राज्य में मतदान का उत्साह कम नहीं हुआ। जानें इस चुनावी माहौल में क्या हो रहा है और शुभेंदु सरकार ने क्या कहा।
 

चुनाव के पहले चरण में हिंसा की घटनाएं

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का पहला चरण 23 अप्रैल को आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। विशेष रूप से, दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने उन्हें पुलिस की मौजूदगी में गाड़ी से खींचकर पीटा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें उन्हें खेतों में दौड़ाते हुए देखा जा सकता है।


 


घटना की शुरुआत कुमारगंज के बूथ नंबर 24 से हुई, जहां BJP ने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया। शुभेंदु सरकार जब मौके पर पहुंचे, तो वहां मौजूद भीड़ ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। BJP ने इसे सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक बताया है।


 



शुभेंदु सरकार का बयान


BJP के उम्मीदवार शुभेंदु सरकार ने कहा, 'कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र में हमारे 8-10 मतदान केंद्रों पर हमारे पोलिंग एजेंट्स को जबरदस्ती बाहर निकाला गया। मैंने खुद दखल दिया और उन्हें फिर से अंदर भेजा। जब मैं बूथ नंबर 24 पर स्थिति का जायजा लेने गया, तो मेरे और मेरी पूरी टीम पर हमला किया गया। उनका उद्देश्य स्पष्ट था - डर और दहशत का माहौल बनाना। मतदान केंद्र पर केंद्रीय सुरक्षा बल मौजूद थे, लेकिन जब मैं वहां पहुंचा तो मेरे साथ केवल मेरा बॉडीगार्ड था। ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं और तृणमूल कांग्रेस इस क्षेत्र की चारों सीटें हार रही है। इसी बौखलाहट के कारण उन लोगों ने हम पर हमला किया।'




मतदान में उत्साह, मेदिनीपुर सबसे आगे


इन सभी झड़पों और राजनीतिक तनाव के बावजूद, बंगाल के मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। भारी गर्मी और तनावपूर्ण माहौल के बीच, सुबह 11 बजे तक राज्य में औसतन 41.11% मतदान दर्ज किया गया। मतदान के रुझानों में पश्चिम मेदिनीपुर 44.69% वोटिंग के साथ सबसे आगे रहा, जबकि मालदा में सबसे कम 38.22% मतदान हुआ। प्रशासन ने दावा किया है कि हिंसा प्रभावित बूथों पर स्थिति अब नियंत्रण में है और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।