ममता बनर्जी का बीजेपी पर तीखा हमला, योगी आदित्यनाथ को घेरा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी का बयान
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने योगी आदित्यनाथ को अपने स्टार प्रचारक के रूप में भेजा है। इस बीच, जब योगी बंगाल में बीजेपी का प्रचार कर रहे थे, नोएडा में हिंसक प्रदर्शन हुए। इस पर तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुटकी लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश जल रहा है, और योगी बाबू बंगाल आकर यह कह रहे हैं कि बुलडोजर चलता रहेगा। ममता ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस बार बीजेपी बंगाल पर कब्जा करने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी इतनी बेशर्म सरकार नहीं देखी।
बीजेपी पर ममता का निशाना
ममता बनर्जी ने बंगाल में हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), अधिकारियों के ट्रांसफर और चुनाव आयोग के कई फैसलों का जिक्र करते हुए बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई सरकारें देखी हैं, लेकिन इतनी भ्रष्ट, बेशर्म और तानाशाही सरकार कभी नहीं देखी। ममता ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस लड़ाई का जवाब लोकतंत्र के माध्यम से देगी।
योगी आदित्यनाथ पर ममता का बयान
नोएडा की घटनाओं के संदर्भ में ममता बनर्जी ने योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'इन दिनों उत्तर प्रदेश जल रहा है। योगी बाबू यहां आते हैं और भाषण देते हैं, यह कहते हुए कि बंगाल में भी बुलडोजर चलेगा। लेकिन बंगाल में बुलडोजर काम नहीं करता। बंगाली लोग सम्मान करते हैं और यहां से लड़के और लड़कियां बीजेपी शासित राज्यों में जाते हैं और मारे जाते हैं। जब वे बंगाली बोलते हैं, तो उन्हें घुसपैठिया कहा जाता है। इसका बदला इस बार लोकतंत्र के बक्से में बंद होगा।'
बीजेपी की रणनीति पर ममता का आरोप
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, 'इस बार लड़ाई बहुत अलग है। बीजेपी बंगाल पर कब्जा करने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। उसने लाखों लोगों के नाम कटवाए और बंगाल का सारा पैसा रोक दिया। अगर कोई EVM खराब होगी, तो वे उसे बदलेंगे नहीं, बल्कि उसमें एक चिप डाल देंगे और लोगों से कहेंगे कि नई मशीन आने तक इंतजार करो। मैंने बीजेपी जितना गंदा खेल खेलते किसी को नहीं देखा है।'
बीजेपी का दावा
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नेता यह दावा कर रहे हैं कि वे इस बार ममता बनर्जी को हराने में सफल होंगे। हालांकि, पिछली बार भी बीजेपी ने काफी प्रयास किए थे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की सीटें घटने के बजाय बढ़ गई थीं। बीजेपी 77 सीटों तक पहुंची थी, लेकिन सरकार बनाने से बहुत दूर थी।