×

तेजस्वी यादव और ललन सिंह के बीच महिला आरक्षण पर तीखी बहस

बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के बीच महिला आरक्षण विधेयकों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। तेजस्वी ने सम्राट चौधरी की समझ पर सवाल उठाया, जबकि ललन सिंह ने तेजस्वी के ज्ञान पर कटाक्ष किया। इस विवाद ने बिहार की राजनीतिक स्थिति को और रोचक बना दिया है। जानें इस बहस के पीछे की पूरी कहानी और आगामी फ्लोर टेस्ट के बारे में।
 

बिहार की राजनीति में ताजा विवाद


बिहार की राजनीति: बिहार के नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी के प्रमुख तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी भले ही मुख्यमंत्री बन गए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें इस विधेयक की समझ नहीं है। इस पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, जिन्हें ललन सिंह के नाम से जाना जाता है, ने तेजस्वी को सलाह दी कि वे अपने ज्ञान पर ध्यान दें और दूसरों के ज्ञान की चिंता न करें।


पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर ललन सिंह ने तेजस्वी यादव की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "तेजस्वी काफी ज्ञानी हैं, तभी तो वे 25 सीटों पर पहुंचे हैं। उन्हें अपने ज्ञान का ध्यान रखना चाहिए, दूसरों की चिंता क्यों करें? उनके पिता को भी ज्ञान नहीं था और न ही उन्हें है। उन्हें केवल धन-संपत्ति अर्जित करने का ज्ञान है।"


तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण विधेयकों पर सम्राट चौधरी की समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये लोग मुख्यमंत्री बन गए हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि उन्हें क्या करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो निर्देश गुजरात से आएंगे, वही मानेंगे।


फ्लोर टेस्ट में कोई समस्या नहीं: ललन सिंह


बिहार में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार 24 अप्रैल को बहुमत साबित करेगी। इस संबंध में विधानसभा के विशेष सत्र में फ्लोर टेस्ट आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि सरकार को बहुमत साबित करने में कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा, "नई सरकार के फ्लोर टेस्ट में कोई दिक्कत नहीं है। विपक्ष कहां है? फ्लोर टेस्ट तो होना ही चाहिए।"


महिला आरक्षण के मुद्दे पर ललन सिंह ने कहा, "महिला आरक्षण विधेयक एक ऐतिहासिक कदम था। कांग्रेस पार्टी ने इसका विरोध करके अपनी महिला-विरोधी छवि को और मजबूत किया है। अब देश की महिलाएं कांग्रेस का असली चेहरा पहचान चुकी हैं।"