पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत, चुनाव आयोग ने दी जानकारी
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान का रिकॉर्ड
पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 152 सीटों पर लगभग 92 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 85 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। यह मतदान का प्रतिशत आजादी के बाद का सबसे ऊंचा है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतदान प्रक्रिया सामान्यत: शांतिपूर्ण रही।
पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएं
हालांकि, पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हुईं, जैसे मुर्शिदाबाद, दक्षिण दिनाजपुर, आसनसोल और कूचबिहार में। लेकिन इन घटनाओं में कोई गंभीर चोट या बड़ी घटना नहीं हुई।
तमिलनाडु में मतदान की स्थिति
तमिलनाडु में कुल 5.73 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 4.88 करोड़ ने वोट डाले। वीरापांडी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 93.41 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पालयमकोट्टई में सबसे कम 68.97 प्रतिशत वोटिंग हुई।
पश्चिम बंगाल में मतदान का विवरण
पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 3.6 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 3.32 करोड़ ने मतदान किया। मुराराई में सबसे अधिक 96.95 प्रतिशत और मेखलीगंज में सबसे कम 82.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
महिलाओं की भागीदारी
दोनों राज्यों में महिला मतदाताओं ने पुरुषों की तुलना में अधिक उत्साह दिखाया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आजादी के बाद का सबसे ऊंचा मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग सभी मतदाताओं का अभिनंदन करता है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदिया जिले में रैली के दौरान कहा कि इतना ऊंचा मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि लोग बदलाव की इच्छा रखते हैं और बीजेपी की जीत निश्चित है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में कहा कि वोटर लिस्ट से नाम कटने के बावजूद भारी मतदान यह दर्शाता है कि लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस पहले ही जीत चुकी है। तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन और एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन के बीच है। अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके तीसरी ताकत बनने की कोशिश कर रही है।
चुनाव प्रक्रिया की स्थिति
चुनाव आयोग के अनुसार, दोनों राज्यों में मतदान के दौरान कुछ शिकायतें आईं, लेकिन कुल मिलाकर प्रक्रिया सुचारू रही। मतगणना 4 मई को होगी। यह रिकॉर्ड मतदान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों राज्यों में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिपोर्ट (SIR) में लगभग 11.6 प्रतिशत नाम कटे थे, फिर भी मतदान प्रतिशत पिछले चुनावों से अधिक रहा।