☰
×

प्रयागराज में मेट्रो ट्रेन परियोजना की तैयारी, दो कॉरिडोर प्रस्तावित

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए दो कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है। इस परियोजना को शासन से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। कानपुर में भी मेट्रो का संचालन सफलतापूर्वक चल रहा है। जानें इस परियोजना के बारे में और क्या है इसकी योजना।
 

प्रयागराज में मेट्रो ट्रेन का नया डीपीआर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो ट्रेनें पहले से चल रही हैं। अब प्रयागराज में मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए दो प्रस्तावित कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई है। रेलवे की तकनीकी सलाहकार संस्था राइट्स ने यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) को सौंप दी है। अब शासन स्तर पर इस परियोजना को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद यह DPR केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। केंद्र से स्वीकृति मिलने पर परियोजना को लागू करने का रास्ता साफ होगा।


प्रयागराज में पहले संपूर्ण मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए DPR बनाई गई थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर राइट्स ने मेट्रो लाइट का DPR तैयार किया। मेट्रो लाइट के DPR में स्टेशनों की संख्या कम की गई थी। यूपीएमआरसी के सुझाव पर राइट्स ने पिछले साल फिर से पूर्ण मेट्रो के DPR बनाने के लिए सर्वेक्षण शुरू किया। नए DPR में भी मेट्रो ट्रेन संचालन के लिए दो कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।


मेट्रो का मार्ग

कहां से कहां तक चलेगी मेट्रो?

पहला कॉरिडोर शांतिपुरम से नैनी के छिवकी तक और दूसरा झूंसी से एयरपोर्ट-एयरोसिटी क्षेत्र को जोड़ने की योजना है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (Prayagraj Development Authority) के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने बताया कि नए DPR में झूंसी-बमरौली रूट को एयरपोर्ट तक विस्तार दिया गया है। परेड में दोनों मेट्रो रूट जंक्शन में रोपवे स्टेशन को शामिल किया गया है। शासन से 12 हजार करोड़ की मेट्रो ट्रेन परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार मेट्रो ट्रेन के लिए बजट आवंटित करेगी।


कानपुर में मेट्रो की प्रगति

कानपुर में सभी 10 भूमिगत स्टेशनों पर चली मेट्रो

कानपुर मेट्रो के दोनों कॉरिडोर के सभी 10 भूमिगत स्टेशनों पर मेट्रो का संचालन शुरू हो गया है। सुरंगी मेट्रो नेटवर्क में मेट्रो का ट्रायल और टेस्ट रन सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के कुल 29 मेट्रो स्टेशनों में से 13.5 किमी का रूट भूमिगत है। आईआईटी से नौबस्ता तक कॉरिडोर-1 के पांच भूमिगत स्टेशनों पर पहले से यात्री सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके दो अन्य अंडरग्राउंड स्टेशनों पर ट्रायल सफल रहा है। कॉरिडोर-2 के तीन स्टेशनों पर भी मेट्रो का टेस्ट रन सफल रहा है। दोनों कॉरिडोर मिलाकर भूमिगत नेटवर्क की लंबाई 13.4 किलोमीटर है।