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लखनऊ विश्वविद्यालय में पान, मसाला और मादक पदार्थों पर प्रतिबंध

लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में पान, मसाला और मादक पदार्थों के सेवन पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी के आदेश के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति तीन बार से अधिक इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 2017 में लागू किए गए आदेश के तहत उठाया गया है, जिसमें सभी सरकारी संस्थानों में ऐसे उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया गया था।
 

लखनऊ विश्वविद्यालय में नई नीति लागू


लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) के परिसर में कर्मचारियों, अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा पान, मसाला, गुटखा और अन्य मादक पदार्थों का सेवन किया जा रहा है, जो कि कार्यालय की गरिमा और आचार संहिता के खिलाफ है।



कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी के निर्देशों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी, अधिकारी या शिक्षक परिसर में पान, मसाला, गुटखा या मादक पदार्थों का सेवन करते हुए पाया जाता है, तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति तीन बार से अधिक इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने साझा की है।


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों में पान, पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध लगाया था। चूंकि लखनऊ विश्वविद्यालय एक राज्य विश्वविद्यालय है, यह इस नियम के अंतर्गत आता है।  COTPA 2003 (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों में पान मसाला, गुटखा या तंबाकू उत्पादों का सेवन, थूकना और बिक्री पर रोक लगाई जा सकती है। उल्लंघन की स्थिति में चालान या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।