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सेमीकॉन इंडिया 2026: चिप निर्माण में भारत की नई दिशा

सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन नई दिल्ली में हुआ, जिसमें 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। इस बार सम्मेलन की थीम 'सिलिकॉन से सिस्टम तक' है, जो चिप निर्माण से आगे बढ़कर पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की बढ़ती सेमीकंडक्टर क्षमता का जिक्र किया और उद्योग जगत को महत्वपूर्ण साझेदार बताया। इस आयोजन में विभिन्न देशों के पवेलियन और 12 राज्यों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी।
 

सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन

नई दिल्ली में भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण मंच स्थापित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवे संस्करण का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम 17 से 19 सितंबर तक चलेगा, जिसमें 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं।


सिस्टम पर ध्यान केंद्रित

चिप से आगे पूरे सिस्टम पर फोकस

इस बार सम्मेलन की थीम ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण’ रखी गई है। इसका मतलब है कि ध्यान केवल चिप निर्माण पर नहीं है, बल्कि डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतिम सिस्टम तक की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर है। प्रदर्शनी में लगभग 15,000 वर्ग मीटर में कंपनियां अपनी तकनीक और समाधान प्रदर्शित कर रही हैं।


भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में भारत की बढ़ती सेमीकंडक्टर क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि अब देश में निर्मित चिप्स वैश्विक स्तर पर पहुंचने लगे हैं। उन्होंने उद्योग जगत को भारत के सेमीकंडक्टर सफर में महत्वपूर्ण साझेदार बताया और निवेश, नवाचार और कौशल विकास पर जोर दिया।


अंतरराष्ट्रीय पवेलियन और राज्य की भागीदारी

छह देशों के पवेलियन, 12 राज्यों की मौजूदगी

सेमीकॉन इंडिया में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के पवेलियन बनाए गए हैं। इसके अलावा, 12 राज्य भी अपने पवेलियन के माध्यम से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में संभावनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं। स्टार्टअप और छात्रों के लिए विशेष मंच भी तैयार किया गया है।


चिप निर्माण का विस्तार

भारत में बढ़ रहा चिप निर्माण का दायरा

सरकार के अनुसार, सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के तहत 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से तीन ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। जुलाई 2026 में, केंद्र ने सेमीकॉन 2.0 को भी मंजूरी दी थी, जिसके लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस तीन दिवसीय आयोजन में 150 से अधिक वक्ता उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें एआई, चिप डिजाइन, सप्लाई चेन, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च और प्रतिभा विकास जैसे विषय शामिल हैं। स्टार्टअप पिच, छात्र हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस भी सम्मेलन का हिस्सा हैं।