15 साल बाद भी जीवित है 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा' का जादू
फिल्म की 15वीं वर्षगांठ
मुंबई: निर्देशक जोया अख्तर की चर्चित फिल्म 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा' ने बुधवार को अपनी रिलीज के 15 साल पूरे कर लिए। 2011 में प्रदर्शित इस फिल्म ने दर्शकों को जीवन के हर पल को जीने, अपने डर पर काबू पाने और रिश्तों की अहमियत को समझने का संदेश दिया।
इस खास मौके पर, अभिनेत्री कल्कि कोचलिन ने इंस्टाग्राम पर फिल्म से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा किया।
कल्कि ने फिल्म की कास्ट के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "'जिंदगी न मिलेगी दोबारा' - सूरज की रोशनी, जवानी, हर सांस और खूबसूरत यादों के लिए धन्यवाद। दुआ है कि ये यादें आने वाली कई पीढ़ियों तक हमेशा जिंदा रहें।"
जोया अख्तर द्वारा निर्देशित यह कॉमेडी-ड्रामा फिल्म तीन दोस्तों - ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर और अभय देओल की कहानी है, जो स्पेन में तीन सप्ताह की रोड ट्रिप पर निकलते हैं। इस यात्रा के दौरान, वे अपने डर का सामना करते हैं और जीवन को नए दृष्टिकोण से जीना सीखते हैं।
फिल्म का संदेश है कि वर्तमान में जीना और जीवन के हर पल का आनंद लेना कितना आवश्यक है। इसमें अर्जुन (ऋतिक रोशन) को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है, जो शुरू में केवल पैसे और करियर को महत्व देता है, लेकिन यात्रा के दौरान उसे यह एहसास होता है कि असली खुशी रिश्तों, प्यार और जीवन के अनुभवों में है।
रिलीज के समय, फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से प्रशंसा मिली थी। आज भी यह दर्शकों के बीच लोकप्रिय है और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा होती रहती है। फिल्म में ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर, अभय देओल, कटरीना कैफ और कल्कि कोचलिन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म का संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने तैयार किया था, जिसमें जावेद अख्तर द्वारा लिखी गई शायरी और गीत (जैसे 'दिल धड़कने दो' और 'ख्वाबों के परिंदे') बेहद लोकप्रिय हैं। फरहान अख्तर द्वारा फिल्म में पढ़ी गई कविताएं (जैसे 'पिघले नीलम सा...') आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं।