98वें ऑस्कर में जेवियर बार्डेम का राजनीतिक बयान और प्रियंका चोपड़ा की प्रतिक्रिया
ऑस्कर अवॉर्ड्स में जेवियर बार्डेम का बयान
मुंबई: 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स के दौरान एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षण देखने को मिला। स्पेनिश अभिनेता जेवियर बार्डेम ने मंच पर खड़े होकर शांति की अपील की और कहा, 'No to war and Free Palestine'। यह घटना तब हुई जब वह प्रियंका चोपड़ा के साथ बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का पुरस्कार प्रस्तुत कर रहे थे। डॉल्बी थिएटर में उपस्थित दर्शकों ने उनके इस बयान पर जोरदार तालियां बजाईं।
प्रियंका चोपड़ा की प्रतिक्रिया पर चर्चा
जेवियर बार्डेम ने पुरस्कार की घोषणा से पहले स्पष्ट रूप से कहा, 'No to war and Free Palestine'। उन्होंने अपने टक्सीडो पर 'No to War' और फिलिस्तीन के समर्थन वाला पिन भी पहना हुआ था। यह बयान ऐसे समय में आया जब विश्व में युद्ध और संघर्ष के मुद्दे चर्चा में हैं। दर्शकों की तालियों से यह स्पष्ट था कि कई लोग उनके इस विचार से सहमत थे। प्रियंका चोपड़ा, जो निक जोनस के साथ रेड कार्पेट पर थीं, जेवियर के बगल में खड़ी थीं। जब जेवियर ने यह बात कही, तो प्रियंका ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया।
प्रियंका ने इस दौरान कोई शब्द नहीं कहा और चुपचाप खड़ी रहीं। वीडियो क्लिप्स में उन्हें शांत और सहज दिखाया गया, लेकिन उन्होंने कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की। सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने उनकी प्रतिक्रिया को 'असहज' या 'न्यूट्रल' बताया, जबकि कई ने इसे सामान्य माना। प्रियंका ने इस पर बाद में कोई टिप्पणी नहीं की। यह ऑस्कर समारोह काफी राजनीतिक रहा।
प्रियंका चोपड़ा ने पेश किया बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म अवॉर्ड
जिमी किमेल द्वारा होस्ट किए गए इस समारोह में कुछ मजेदार चुटकुले भी थे, लेकिन जेवियर का बयान सबसे अधिक चर्चित रहा। प्रियंका ने बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी पेश की, जो वैश्विक सिनेमा को सम्मानित करती है। भारतीय प्रशंसक इस बात से खुश थे कि प्रियंका स्टेज पर थीं और बॉलीवुड का नाम रोशन किया। इसके अलावा, ऑस्कर 2026 में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र का नाम 'In Memoriam' सूची में शामिल था, लेकिन टीवी पर दिखाए गए सेगमेंट में उनका उल्लेख नहीं हुआ।
ऑस्कर की आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत सूची में धर्मेंद्र, मनोज कुमार सहित कई भारतीय सितारों को स्थान मिला, लेकिन मुख्य प्रसारण में नहीं। प्रशंसक नाराज हुए और कहा कि यह मुख्य रूप से हॉलीवुड शो है। कुल मिलाकर, 98वें ऑस्कर में फिल्मों के साथ-साथ राजनीति और भावनाओं का मिश्रण देखने को मिला। जेवियर बार्डेम का बयान और प्रियंका की शांत प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर बहस को जन्म दिया।