Aspirants 3: नई कहानी और पुरानी दुश्मनियाँ
Aspirants 3, TVF की लोकप्रिय सीरीज़ का तीसरा सीज़न, अब Amazon Prime Video पर उपलब्ध है। इस बार कहानी में अभिलाष शर्मा और पवन कुमार के बीच की पेशेवर दुश्मनी को दर्शाया गया है। सीज़न में पुराने दोस्तों की यादें और नए संघर्षों का मिश्रण है। क्या यह सीज़न दर्शकों को बांधने में सफल होता है? जानें इस सीज़न की खासियतें और कमियाँ, और क्या यह आपके देखने लायक है।
Mar 15, 2026, 15:09 IST
Aspirants 3 का आगाज़
दो सफल सीज़नों के बाद, TVF की Aspirants को तीसरे सीज़न के लिए नवीनीकरण मिला है। दीपेश सुमित्रा जगदीश के निर्देशन में Aspirants 3 अब Amazon Prime Video पर स्ट्रीम हो रही है। इस सीरीज़ में अभिलाष शर्मा और संदीप भैया के बीच की तीव्र पेशेवर प्रतिद्वंद्विता को दर्शाया गया है। क्या आप इसे देखने के लिए तैयार हैं? Aspirants 3 के पहले दो एपिसोड पर आधारित हमारा विस्तृत रिव्यू यहाँ प्रस्तुत है।
कहानी: जब सपना हकीकत बनता है
‘एस्पिरेंट्स’ के पिछले सीज़नों में अनिश्चितता का माहौल था, जहाँ पात्र यूपीएससी (UPSC) की तैयारी में जुटे रहते थे। लेकिन इस बार कहानी में बदलाव आया है। अब ये पात्र सिस्टम के बाहर खड़े उम्मीदवार नहीं, बल्कि सिस्टम के संचालक बन गए हैं। मुख्य कहानी रामपुर के डीएम अभिलाष शर्मा (नवीन कस्तूरिया) के इर्द-गिर्द घूमती है। एक 'एजुकेशनल टाउन' प्रोजेक्ट को लेकर अभिलाष और संभल के डीएम पवन कुमार (जतिन गोस्वामी) के बीच एक गंभीर पेशेवर टकराव शुरू होता है। यह केवल एक प्रशासनिक विवाद नहीं रह जाता, बल्कि यह एक गहरी व्यक्तिगत लड़ाई में बदल जाता है, जो पुरानी दोस्तियों को भी प्रभावित करती है।
पुरानी दोस्तियाँ, नई दुश्मनियाँ
तीसरा सीज़न अभिलाष शर्मा (नवीन कस्तूरिया) के चारों ओर घूमता है, जो अब Rampur के District Magistrate (DM) हैं। समस्या तब उत्पन्न होती है जब 'एजुकेशनल टाउन' प्रोजेक्ट के कारण अभिलाष और Sambhal के DM पवन कुमार के बीच टकराव होता है। जो बात एक प्रशासनिक असहमति के रूप में शुरू होती है, वह धीरे-धीरे एक गंभीर संघर्ष में बदल जाती है। कहानी एक 'नॉन-लीनियर' शैली में आगे बढ़ती है, जिसमें पुराने पलों और वर्तमान घटनाओं के बीच संतुलन बनाया गया है। इस तनाव के बीच, अभिलाष के पुराने दोस्तों के चेहरे भी सामने आते हैं, जैसे Guri (शिवंकित सिंह परिहार) और SK (अभिलाष थपलियाल), जो उस बेफिक्र दोस्ती की याद दिलाते हैं।
सत्ता, विशेषाधिकार और बदलते आदर्श
यह सीज़न जवानी के आदर्शों और सत्ता मिलने पर होने वाले समझौतों के बीच की दूरी को उजागर करता है। पिछले सीज़न मेहनत और उम्मीद पर आधारित थे, जबकि यह सीज़न इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि जब लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो उसके बाद क्या होता है। कुछ क्षण इस विषय को बखूबी संभालते हैं, लेकिन कुछ मौकों पर लेखन में बहस और टकराव पर अधिक जोर दिया गया है, जिससे यह सीज़न पिछले अध्यायों की तुलना में अधिक नाटकीय लगता है।
अभिनय की ताकत
इस सीरीज़ का एक मजबूत पहलू इसका अभिनय है। नवीन कस्तूरिया ने अभिलाष का किरदार बखूबी निभाया है, जो अपने सपनों को पूरा करने के बाद सवालों का सामना कर रहा है। जतिन गोस्वामी ने पवन कुमार के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है। संदीप भैया के किरदार में सनी हिंदुजा ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
Aspirants 3: क्या अच्छा है
Aspirants 3 की सबसे बड़ी ताकत इसकी दिलचस्प कहानी और तेज़ रफ़्तार है। यह कहानी अभिलाष की महत्वाकांक्षा की लड़ाई में आपको तेजी से खींच लेती है। इसके अलावा, पुरानी यादों और वर्तमान प्रशासनिक तनावों का मेल बहुत अच्छा है। कई सीन सस्पेंस और अप्रत्याशित ट्विस्ट से भरे हुए हैं, जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।
Aspirants 3: क्या अच्छा नहीं है
हालांकि, Aspirants का तीसरा सीज़न कुछ कमियों से मुक्त नहीं है। अभिलाष और दीपा का रोमांटिक ट्रैक जल्दबाज़ी में दिखता है, जिससे उनके रिश्ते में गहराई नहीं आ पाती। कहानी दिलचस्प है, लेकिन इसका ढाँचा कुछ जाना-पहचाना सा लगता है।
Aspirants 3: परफॉर्मेंस
स्टार कास्ट ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नवीन कस्तूरिया ने अभिलाष के किरदार को पूरी शिद्दत से निभाया है। सनी हिंदुजा ने गंभीरता और भावनात्मक संयम लाया है। नमिता दुबे ने कहानी में गहराई जोड़ी है, जबकि अभिलाष थापलियाल और शिवांकित सिंह परिहार ने हास्य का पुट जोड़ा है।
Aspirants 3: अंतिम फैसला
Aspirants 3 की कहानी कुछ हद तक पहले से पता चलने वाली है, लेकिन यह सीरीज़ दर्शकों को बांधे रखती है। यह कई मामलों में बेहतरीन साबित होती है, जिसका श्रेय इसके मुख्य टकराव, तेज़ गति और दमदार परफॉर्मेंस को जाता है। यदि आप Aspirants के बड़े फैन हैं, तो यह सीरीज़ आपके लिए देखने लायक है!