HDFC बैंक में ₹45 करोड़ के संदिग्ध भुगतान की जांच, शेयरों में गिरावट
बैंकिंग जगत में हलचल
मुंबई: भारत के सबसे बड़े निजी बैंक, एचडीएफसी (HDFC Bank) से जुड़ी एक नई रिपोर्ट ने वित्तीय बाजारों में हलचल मचा दी है। बैंक के अंदर चल रही एक आंतरिक सतर्कता जांच की खबर के बाद, बुधवार को HDFC बैंक के शेयरों में लगभग 2% की गिरावट आई, और यह इंट्राडे कारोबार में ₹761 के स्तर पर बंद हुए। यह मामला ₹45 करोड़ के संदिग्ध भुगतान और कॉरपोरेट गवर्नेंस में गंभीर चूक से संबंधित है, जिसने बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं।
MSRDC को अतिरिक्त रिटर्न देने की योजना
रिपोर्टों के अनुसार, यह विवाद महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के डिपॉजिट से जुड़ा हुआ है। 2021 में, HDFC बैंक ने इस सरकारी एजेंसी के बड़े फंड को अपने पास जमा करने की कोशिश की थी। उस समय बैंक ने सेविंग अकाउंट पर केवल 3.5% ब्याज दिया, जबकि MSRDC ने 6.01% रिटर्न की मांग की थी। आरोप है कि इस डिपॉजिट को हासिल करने के लिए बैंक ने एक गुप्त योजना बनाई, जिसमें तय ब्याज दर से अधिक का मुनाफा सीधे खाते में देने के बजाय 'मार्केटिंग खर्च' के रूप में दिखाया गया।
जांच में CEO की भूमिका पर सवाल
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक के मार्केटिंग विभाग की FY25 की इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट सामने आई, जिसमें विभाग की कार्यप्रणाली को 'असंतोषजनक' पाया गया। इसके बाद बैंक की ऑडिट कमेटी ने विजिलेंस जांच का आदेश दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक के CEO शशिधर जगदीशन भी इस चर्चा में शामिल थे, जिसमें MSRDC को अतिरिक्त रिटर्न देने के विकल्पों पर विचार किया गया। हालांकि, बैंक ने अभी तक किसी भी गड़बड़ी को स्वीकार नहीं किया है।
RBI के नियमों का उल्लंघन
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इस सौदे से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बिना बैंक की लीगल और कंप्लायंस टीम की मंजूरी के तैयार किए गए थे। यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है, क्योंकि केंद्रीय बैंक के अनुसार, कोई भी बैंक किसी विशेष ग्राहक को लुभाने के लिए अलग से तय ब्याज दर या गुप्त मुनाफा नहीं दे सकता। इसके अलावा, इस मामले ने बैंक की एंटी-ब्राइबरी और एंटी-करप्शन पॉलिसी के उल्लंघन की आशंका को भी जन्म दिया है।
निवेशकों की चिंता बढ़ी
बैंकिंग क्षेत्र में साख और भरोसा अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इस खबर के आने के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई। बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर HDFC बैंक के शेयरों पर भारी दबाव देखा गया, और यह स्टॉक 2.22% की गिरावट के साथ ₹761.60 पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक की आंतरिक जांच अभी जारी है, और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन इस खुलासे ने कॉरपोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है।