अनीता कंवल ने साझा किए बेटी पूजा कंवल के संघर्ष और सपनों की कहानी
अनीता कंवल का संघर्ष और बेटी का सपना
नई दिल्ली: प्रसिद्ध टीवी अभिनेत्री अनीता कंवल ने हाल ही में अपनी बेटी पूजा कंवल के मनोरंजन क्षेत्र में करियर बनाने के दौरान के कई कठिन अनुभव साझा किए। अनीता ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को साकार करने के लिए अपने करियर की भी परवाह नहीं की। यहां तक कि अपने करियर के सुनहरे दौर में भी उन्होंने कई प्रस्ताव ठुकराए और अपनी बेटी के साथ शूटिंग पर गईं ताकि वह सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ सके।
पूजा कंवल ने 2004 में फिल्म 'ऊफ क्या जादू मोहब्बत है' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह 'जवानी जिंदाबाद' और 'ब्लू ऑरेंजेस' जैसी फिल्मों में भी दिखाई दीं। हालांकि, उन्हें वह पहचान और सफलता नहीं मिली जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। इसके बाद उन्होंने अभिनय से दूरी बना ली और अब इवेंट होस्टिंग और एंकरिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
बेटी के सपनों के लिए अनीता का संघर्ष
अनीता ने बताया कि उन्हें हमेशा से अपनी बेटी में अभिनेत्री बनने की चाह और प्रतिभा नजर आती थी। उन्होंने कहा कि पूजा में अभिनय के साथ-साथ नृत्य और अन्य कलात्मक गुण भी थे, इसलिए उन्होंने उसके सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अनीता के अनुसार, उन्होंने अपनी बेटी के लिए खुद से भी ज्यादा मेहनत की क्योंकि उन्हें विश्वास था कि पूजा इस क्षेत्र में सफल हो सकती है।
कास्टिंग काउच से बचाने की कोशिश
अनीता ने इंटरव्यू में इंडस्ट्री के उस पहलू पर भी चर्चा की जो अक्सर सामने नहीं आता। उन्होंने बताया कि जब पूजा दक्षिण भारत में काम कर रही थीं, तब उन्हें और उनकी बेटी को अनुचित प्रस्तावों और दबाव भरे फोन कॉल्स का सामना करना पड़ा। अनीता ने ऐसे लोगों को स्पष्ट और सख्त जवाब दिया और उन्हें दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी दी। उनका कहना था कि वह किसी भी हाल में अपनी बेटी को ऐसे अनुभवों से टूटने नहीं देना चाहती थीं।
अनीता का भावुक अनुभव
बातचीत के दौरान अनीता ने एक भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि कई सालों बाद आज उन्हें वही खालीपन और दर्द महसूस होता है, जिससे उनकी बेटी गुजरी थी। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने के बाद जब लोग आपको भूलने लगते हैं, तो यह भावनात्मक रूप से बहुत कठिन होता है। अनीता ने कहा कि वह कभी एक साथ कई प्रोजेक्ट्स का हिस्सा थीं, लेकिन समय के साथ चीजें बदल गईं। इसी दर्द को व्यक्त करते हुए उन्होंने अपनी बेटी से कहा था कि कभी-कभी उन्हें समझ नहीं आता कि वह आगे क्यों जी रही हैं।