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अमजद खान की यादें: बेटे शादाब ने साझा किया पिता के अंतिम क्षणों का दर्दनाक अनुभव

अमजद खान, जो आज भी 'गब्बर' के नाम से जाने जाते हैं, के निधन को 34 साल हो चुके हैं। उनके बेटे शादाब खान ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपने पिता के अंतिम क्षणों का एक भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक इंजेक्शन की देरी ने उनके पिता की जान ले ली। इस घटना ने शादाब को पूरी तरह से तोड़ दिया। जानें इस दर्दनाक कहानी के बारे में और अमजद खान की फिल्मी विरासत के बारे में।
 

अमजद खान का निधन: गब्बर की यादें आज भी जीवित


अमजद खान का निधन: प्रसिद्ध अभिनेता अमजद खान आज भी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में 'गब्बर' के रूप में जीवित हैं। उनकी अदाकारी, विशेषकर फिल्म 'शोले' में, आज भी लोगों को याद है। हालांकि, उनके निधन को लगभग 34 वर्ष हो चुके हैं। हाल ही में, उनके बेटे शादाब खान ने एक पॉडकास्ट में अपने पिता के अंतिम क्षणों के बारे में एक भावुक कहानी साझा की है, जिसे सुनकर फैंस की आंखों में आंसू आ गए हैं।


इंजेक्शन की देरी ने ली गब्बर की जान

शादाब खान ने बताया कि जिस रात उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ी, उन्हें तुरंत एक इंजेक्शन की आवश्यकता थी। लेकिन इंजेक्शन लाने में कुछ सेकंड की देरी हो गई। जब शादाब घर पहुंचे, तो उनकी मां ने घबराते हुए कहा कि पापा उठ नहीं रहे हैं। कमरे में जाकर देखा तो अमजद खान की स्थिति बहुत गंभीर थी। डॉक्टरों ने तुरंत इंजेक्शन लगाने को कहा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


गुस्से और उदासी में टूट गया घर

शादाब ने कहा कि उस रात उन्होंने अपने पिता को खो दिया। इस घटना के बाद वह पूरी तरह से टूट गए थे। गुस्से, दर्द और उदासी में उन्होंने घर का सामान भी तोड़ डाला। पिता की कमी आज भी उन्हें बहुत सताती है।


शादाब ने यह भी बताया कि अमजद खान की जिंदगी एक सड़क दुर्घटना के बाद पूरी तरह बदल गई थी। उस हादसे में उनकी कई हड्डियां टूट गई थीं और फेफड़ों को गंभीर चोटें आई थीं। लंबे समय तक इलाज चला, जिससे शारीरिक और मानसिक तनाव बढ़ गया। उस कठिन समय में अमिताभ बच्चन ने परिवार का पूरा समर्थन किया।


अमजद खान के परिवार के लिए अमिताभ बच्चन का सहयोग एक बड़ी ताकत बना। शादाब हमेशा इस बात को याद रखते हैं और अमिताभ के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। अमजद खान 1992 में इस दुनिया से चले गए, लेकिन उनकी फिल्मी विरासत आज भी नई पीढ़ी को प्रभावित करती है। 'शोले', 'दादी मां', 'नसीब' जैसी फिल्मों में उनकी यादगार भूमिकाएं आज भी चर्चा का विषय हैं। उनके गुस्सैल किरदारों के साथ नरम दिल वाले पिता के रोल भी लोग आज भी सराहते हैं।