अमिताभ बच्चन का धर्मशाला निर्माण: अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए नया आश्रय
अमिताभ बच्चन का धर्मशाला निर्माण
अमिताभ बच्चन का धर्मशाला निर्माण: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनकी खबर फिल्म या टीवी शो से नहीं, बल्कि अयोध्या से जुड़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे अयोध्या में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से एक धर्मशाला बनाने की योजना बना रहे हैं, जो उनके पिता, प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में होगी.
धर्मशाला का निर्माण
जुलाई में यह जानकारी आई थी कि अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में भूमि खरीदी है। अब लगभग दो महीने बाद यह स्पष्ट हुआ है कि वे वहां एक स्मृति धर्मशाला का निर्माण करने जा रहे हैं। यह धर्मशाला दशरथ पथ पर स्थित द सरयू प्रोजेक्ट में बनाई जाएगी, जिसमें 20 से अधिक कमरे होंगे। अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी (एडीए) को बिल्डिंग मैप की मंजूरी के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है.
पिता की याद में महत्वपूर्ण निर्णय
एडीए ने आवेदन प्राप्त करने के बाद एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है, जिसमें लोगों से 15 दिनों के भीतर आपत्तियां मांगी गई हैं। यदि सब कुछ सही रहा, तो मंजूरी मिल जाएगी। उम्मीद है कि अक्टूबर में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। एडीए के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने इस खबर की पुष्टि की है, और बताया है कि अमिताभ बच्चन की ओर से 20 से अधिक कमरों वाली धर्मशाला का आवेदन आया है। मंजूरी मिलने के बाद अयोध्या आने वाले भक्तों को बेहतर ठहरने की सुविधा मिलेगी.
हरिवंश राय बच्चन की विरासत
हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के एक प्रमुख नाम थे, जिन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना 1935 में लिखी गई कविता 'मधुशाला' है। उन्होंने शेक्सपियर के नाटकों का हिंदी में अनुवाद भी किया था। अमिताभ की मां, तेजी बच्चन, एक सामाजिक कार्यकर्ता और रंगमंच से जुड़ी थीं, और वे फिल्म फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की डायरेक्टर भी रह चुकी हैं.
अमिताभ बच्चन की वर्तमान परियोजनाएं
अमिताभ बच्चन इस समय अपने लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के सीजन 18 की मेज़बानी कर रहे हैं। इसके अलावा, वे नाग अश्विन की फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल में भी दिखाई देंगे, जिसमें प्रभास और कमल हासन भी शामिल हैं.
धर्मशाला का महत्व
अमिताभ बच्चन की यह पहल केवल परिवार की याद तक सीमित नहीं है। अयोध्या जैसे पवित्र शहर में भक्तों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना कई लोगों के लिए एक सकारात्मक कदम है। धर्मशाला बनने के बाद श्रद्धालु आसानी से रुक सकेंगे। अमिताभ अक्सर अपने परिवार और जड़ों से जुड़े कार्य करते रहे हैं, और इस बार भी उन्होंने अपने पिता की याद को अयोध्या से जोड़ा है. आवेदन की प्रक्रिया अभी चल रही है, और मंजूरी मिलने पर काम शुरू होने की संभावना है.