अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी की प्रेम कहानी: कैसे शुरू हुआ उनका अनोखा सफर?
एक खूबसूरत प्रेम कहानी
मुंबई: बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह और अभिनेता परमीत सेठी का रिश्ता आज इंडस्ट्री में सबसे मजबूत और स्थिर माने जाते हैं। तीन दशकों से अधिक समय से एक साथ रहने वाले इस जोड़े की प्रेम कहानी न केवल खूबसूरत है, बल्कि अनोखी भी है। हाल ही में अर्चना के यूट्यूब चैनल पर साझा किए गए एक वीडियो में, दोनों ने अपने रिश्ते की शुरुआत के बारे में दिलचस्प बातें साझा की, जिसने उनके फैंस को चौंका दिया और मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।
पहली मुलाकात का जादू
अर्चना और परमीत की पहली मुलाकात 80 के दशक के अंत में एक दोस्त के घर पर हुई थी। उसी रात, वे दोस्तों के साथ क्लब भी गए। उस समय किसी ने इस मुलाकात को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय किया। अर्चना ने बताया कि अगले दिन वह परमीत के फोन का इंतजार कर रही थीं, और जैसे ही उनका फोन आया, बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया।
धीरे-धीरे उनकी बातचीत बढ़ने लगी और संपर्क नियमित हो गया। अर्चना ने स्वीकार किया कि शुरुआत में यह रिश्ता गंभीर नहीं था। उनके शब्दों में, “यह बस एक कैजुअल रिश्ता था, जिससे किसी को कोई उम्मीद नहीं थी।”
जब रिश्ता गहराने लगा
दोनों उस समय अपने-अपने पुराने रिश्तों से बाहर आ चुके थे और किसी नए कमिटमेंट के मूड में नहीं थे। अर्चना ने बताया कि वे अक्सर एक-दूसरे को याद दिलाते थे कि यह रिश्ता गंभीर नहीं है और ज्यादा आगे नहीं जाएगा। परमीत भी हंसते हुए कहते हैं कि वे लगभग हर दिन खुद को यही समझाते थे।
अर्चना का मानना है कि आमतौर पर लोग कहते हैं कि ऐसे रिश्ते ज्यादा दिन नहीं चलते, लेकिन उनका रिश्ता इस सोच को गलत साबित करता है। जो रिश्ता बस एक छोटी सी शुरुआत के साथ आगे बढ़ा था, वही धीरे-धीरे विश्वास, दोस्ती और प्यार में बदल गया।
परमीत का दिल की बात
परमीत सेठी ने इस बातचीत में अपने दिल की बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उस समय अर्चना फिल्म ‘जलवा’ (1987) के बाद काफी लोकप्रिय हो चुकी थीं। वहीं वह खुद एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे। परमीत को लगता था कि अर्चना जैसी सफल और चर्चित अभिनेत्री उनसे कभी रिश्ता नहीं जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि तुम उस समय बहुत मशहूर थीं। मुझे सच में नहीं लगता था कि तुम मुझ जैसे इंसान को कभी हां कहोगी।
प्यार की छोटी-छोटी बातें
अर्चना ने मुस्कुराते हुए उन दिनों को याद किया जब परमीत उनके लिए तीन लाल गुलाब लाते थे और हर गुलाब दिखाकर कहते थे, आई लव यू। अब हंसते हुए परमीत ने कबूल किया कि कई बार वे गुलाब खरीदने के लिए अर्चना से ही पैसे उधार लेते थे।
अर्चना ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब यह आदत नियमित हो गई, तो उन्होंने परमीत से गुलाब लाना बंद करने को कहा। इस पर परमीत ने मजाक में पूछा था कि क्या इसका मतलब यह है कि उनका प्यार भी खत्म हो जाएगा।
शादी और खुशहाल परिवार
आखिरकार यह ‘गैर-गंभीर’ रिश्ता 1992 में शादी में बदल गया। आज अर्चना और परमीत दो बेटों, आर्यमन सेठी और आयुष्मान सेठी के माता-पिता हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि कभी-कभी बिना किसी योजना के शुरू हुआ रिश्ता भी उम्रभर का साथ बन सकता है, बस उसमें ईमानदारी, समझ और थोड़ी सी हंसी जरूरी होती है।