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आयुष्मान खुराना का 42वां जन्मदिन: संघर्ष से सफलता तक की कहानी

आज, 14 सितंबर को, बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना किया और अपनी मेहनत से एक अलग पहचान बनाई। इस लेख में, हम उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि उनका जन्म, परिवार, संघर्ष, और फिल्मी सफर के बारे में जानेंगे। उनके गाने और अभिनय ने उन्हें दर्शकों के दिलों में एक खास जगह दिलाई है।
 

जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आयुष्मान खुराना आज, 14 सितंबर को अपने 42वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में 'कंटेंट' और 'कमिटमेंट' के माध्यम से एक विशेष पहचान बनाई है। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखना उनके लिए आसान नहीं था। लेकिन अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर उन्होंने अपनी जगह बनाई। आयुष्मान के जीवन में एक समय ऐसा भी था जब वह ट्रेन में गाकर अपना जीवन यापन करते थे। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं।


शिक्षा और थिएटर में रुचि

आयुष्मान खुराना का जन्म 14 सितंबर 1984 को चंडीगढ़ के एक पंजाबी-हिंदू परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम पी खुराना और मां का नाम पूनम खुराना है। उनके पिता एक ज्योतिषी थे। आयुष्मान का असली नाम निशांत खुराना था, जिसे तीन साल की उम्र में उनके माता-पिता ने बदलकर आयुष्मान रख दिया। उन्होंने अपनी शिक्षा चंडीगढ़ में प्राप्त की और कॉलेज के दिनों से ही थिएटर में सक्रिय रहे। उन्होंने डीएवी कॉलेज के थिएटर ग्रुप में कई नाटकों में अभिनय किया।


मुंबई में संघर्ष

जब आयुष्मान खुराना मुंबई आए, तो उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, और वह अपने एक दोस्त के साथ रह रहे थे। फिल्मों में करियर बनाने से पहले, उन्होंने शादियों, कॉलेज फेस्ट और ट्रेनों में गाना गाकर पैसे कमाए।


टीवी पर करियर की शुरुआत

फिल्मों में कदम रखने से पहले, आयुष्मान ने टीवी पर भी काम किया। उन्होंने एमटीवी रोडीज सीजन 2 जीतकर पहचान बनाई और फिर रेडियो जॉकी के रूप में काम करने लगे। इसके बाद उन्होंने 'जस्ट डांस', 'एमटीवी रॉक ऑन' और 'इंडियाज गॉट टैलेंट' जैसे शो की मेज़बानी की।


फिल्मी करियर की शुरुआत

आयुष्मान खुराना ने 2012 में फिल्म 'विक्की डोनर' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उनके साथ यामी गौतम भी थीं। इसके बाद उन्होंने 'नौटंकी साला', 'बरेली की बर्फी', 'दम लगा के हईशा', 'बधाई हो', 'शुभ मंगल सावधान', 'अंधाधुन', 'आर्टिकल 15', और 'ड्रीम गर्ल' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया। 2018 में, उन्हें फिल्म 'अंधाधुन' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।


संगीत में भी पहचान

आयुष्मान ने न केवल अभिनय में, बल्कि संगीत में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने 'सड्डी गली आजा', 'पानी दा रंग' और 'नज्म-नज्म' जैसे गाने गाए हैं, जो दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए हैं।