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आवारापन 2 के पोस्टर पर सोशल मीडिया में बहस, होमलैंड से तुलना

इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 के पोस्टर को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। यूजर्स ने फिल्म के पोस्टर की तुलना होमलैंड के पोस्टर से की है, जिसमें समानताएँ देखने को मिली हैं। कुछ लोग इसे कॉपी करने का मामला मानते हैं, जबकि अन्य इसे सामान्य डिजाइन तकनीक का हिस्सा बताते हैं। जानें इस विवाद में क्या है सच और यूजर्स की राय क्या है।
 

आवारापन 2 का उत्साह और पोस्टर विवाद

इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। फिल्म की रिलीज के साथ ही इसके पोस्टर को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। एक वायरल पोस्ट में, आवारापन 2 और होमलैंड के पोस्टर्स की तुलना की गई है। पोस्ट शेयर करने वाले यूजर ने आरोप लगाया है कि आवारापन 2 के पोस्टर में होमलैंड के विजुअल एलिमेंट्स का उपयोग किया गया है। हालांकि, इस पर मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


पोस्टर्स में समानताएँ

दोनों पोस्टर में क्या समानता बताई गई

वायरल पोस्ट में दोनों पोस्टर्स की विजुअल थीम में समानताएँ दर्शाई गई हैं। होमलैंड के पोस्टर में क्लेयर डेन्स को भीड़ में दिखाया गया है, जबकि आवारापन 2 के पोस्टर में इमरान हाशमी भीड़ के बीच नजर आते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों पोस्टर्स की बैकग्राउंड कंपोजिशन और रंगों में भी समानता की ओर इशारा किया है। होमलैंड के पोस्टर में धार्मिक वेशभूषा में लोगों की भीड़ है, जबकि आवारापन 2 के पोस्टर में भिक्षुओं की उपस्थिति है। इसीलिए कुछ यूजर्स को दोनों पोस्टर्स की डिजाइन एक जैसी लगी।


सोशल मीडिया पर यूजर्स की राय

Awarapan 2 - India Daily X

इंटरनेट पर दो हिस्सों में बंटे यूजर्स

पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर विभिन्न रायें सामने आईं। कुछ यूजर्स ने इसे स्पष्ट रूप से कॉपी करने का मामला बताया, जबकि अन्य ने कहा कि फिल्मों और वेब सीरीज के पोस्टर्स में पहले भी समान डिजाइन और विजुअल तकनीकों का उपयोग होता रहा है। उनके अनुसार, भीड़ के बीच मुख्य किरदार को अलग दिखाना एक सामान्य डिजाइन तकनीक है। एक यूजर ने इसे एक सामान्य विजुअल टेम्पलेट बताया, जिसका उपयोग मुख्य किरदार को भीड़ में उभारने के लिए किया जाता है।

कुछ यूजर्स ने फिल्म के पोस्टर का बचाव भी किया। उनका कहना था कि अगर किसी पोस्टर की थीम या डिजाइन किसी पुराने पोस्टर से मिलती है, तो यह जरूरी नहीं कि उसे पूरी तरह से कॉपी किया गया हो। कुछ यूजर्स ने इस बहस को फिल्मों के रीमेक और अडैप्टेशन से भी जोड़ा, यह कहते हुए कि किसी कहानी को अलग भाषा और संस्कृति के दर्शकों के लिए नए तरीके से पेश करना गलत नहीं है।