आशा भोसले और लता मंगेशकर की याद में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल
आशा भोसले का निधन और अस्पताल की स्थापना
प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले ने 92 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। चार साल पहले उनकी बड़ी बहन, सुर कोकिला लता मंगेशकर, भी इस दुनिया से चली गई थीं। दोनों बहनों ने संगीत क्षेत्र में अपार योगदान दिया है। लता मंगेशकर और आशा भोसले के भाई, हृदयनाथ मंगेशकर, ने अपनी बहनों की याद में एक अस्पताल बनाने की घोषणा की है। यह अस्पताल पुणे में स्थापित होगा और एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनने का लक्ष्य रखता है।
लता मंगेशकर का सपना
हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि उनकी मां और लता मंगेशकर ने गरीबों की सेवा के लिए अस्पताल बनाने का सपना देखा था। उन्होंने कहा कि लगभग 25 साल पहले परिवार और चिकित्सकों ने इस अस्पताल की स्थापना के लिए प्रयास किए थे, लेकिन तब यह सपना पूरा नहीं हो सका। हृदयनाथ ने बताया कि बाद में परिवार ने निर्णय लिया कि इस अस्पताल का नाम लता मंगेशकर के नाम पर रखा जाएगा और इसकी तैयारी शुरू कर दी गई थी।
अस्पताल का उद्घाटन
हृदयनाथ मंगेशकर ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि उनकी कोशिश है कि यह अस्पताल एशिया का सबसे बड़ा बने। उन्होंने बताया कि 25 साल पहले यह निर्णय लिया गया था। लता मंगेशकर के निधन के बाद, परिवार ने महसूस किया कि उनकी सोच को ध्यान में रखते हुए यह अस्पताल बनाना चाहिए। उद्घाटन की तिथि 16 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन आशा भोसले के निधन के बाद अब यह निर्णय लिया गया है कि अस्पताल का नाम लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों के सम्मान में रखा जाएगा।