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ईशा देओल ने पिता धर्मेंद्र की यादों को साझा किया, टेडी बियर से भरा बिस्तर

ईशा देओल ने अपने पिता धर्मेंद्र की यादों को साझा करते हुए बताया कि उनके बिस्तर में टेडी बियर क्यों हैं। उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद की भावनाओं और पद्म विभूषण समारोह में उनकी कमी को भी साझा किया। जानें ईशा के दिल को छू लेने वाले अनुभव और उनके पिता के प्रति प्यार।
 

धर्मेंद्र का निधन और ईशा की भावनाएं


दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का पिछले वर्ष 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिससे उनका परिवार और प्रशंसक गहरे सदमे में हैं। इस कठिन समय में, उनकी बेटी ईशा देओल अक्सर अपने पिता की यादों को सोशल मीडिया पर साझा करती हैं। हाल ही में, ईशा ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद उनका बिस्तर टेडी बियर से क्यों भरा रहता है।


ईशा का टेडी बियर से भरा बिस्तर

ईशा ने अपने बिस्तर में टेडी बियर की उपस्थिति के बारे में बात करते हुए कहा, "मैं हमेशा उन्हें अपना टेडी बियर कहती थी, और आज मेरा बिस्तर टेडी बियर से भरा है क्योंकि वे मुझे उनकी याद दिलाते हैं। उनके निधन का दर्द कभी खत्म नहीं होता; आप बस उसके साथ जीना सीख जाते हैं। मैं उन्हें अपने दिल में रखती हूं और जहां भी जाती हूं, उनकी हिम्मत को अपने साथ ले जाती हूं।"


पद्म विभूषण समारोह में धर्मेंद्र की कमी

ईशा ने हाल ही में पद्म विभूषण समारोह में अपनी भावनाओं को साझा किया, जहां उनकी मां हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया। ईशा के लिए यह एक भावुक क्षण था। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी भावनाएं इसलिए जाहिर कीं क्योंकि कुछ पल महसूस करने और साझा करने के लिए होते हैं। उस दिन मैंने जो महसूस किया, वह सिर्फ मेरा नहीं था; यह हमारे परिवार, उनके प्रशंसकों और उन्हें प्यार करने वाले अनगिनत लोगों का साझा अनुभव था।"


धर्मेंद्र को पहले मिलना चाहिए था यह सम्मान

ईशा ने कहा कि उनके पिता को यह सम्मान उनके करियर में बहुत पहले मिल जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, "हां, मुझे लगता है कि वे इस सम्मान के बहुत पहले हकदार थे। हमें लगता है कि वे इसके और भी ज्यादा हकदार थे। लेकिन सच कहूं तो, मेरे पिता को जानते हुए, अवॉर्ड्स कभी भी उनके लिए सफलता का पैमाना नहीं रहे। लोगों से मिला प्यार और सम्मान ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियां थीं।"


ईशा की यादें और पिता की कमी

समारोह में धर्मेंद्र की कमी भी महसूस की गई। ईशा ने कहा, "अपनी मां को उनकी ओर से अवॉर्ड लेते देखना बेहद भावुक पल था। गर्व और आभार की भावना थी, और बेशक, यह इच्छा भी थी कि वे खुद वहां होते।" जब उनसे धर्मेंद्र के साथ अपनी पसंदीदा याद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनके साथ बिताई पूरी जिंदगी में से सिर्फ एक याद चुनना नामुमकिन है। उन्होंने कहा, "वे मेरी ज़िंदगी के हर पड़ाव पर मेरे साथ रहे हैं। किसी एक याद को चुनना बहुत मुश्किल है। इसमें पूरी ज़िंदगी समाई है। एक बेटी के लिए, 44 साल का मतलब है अपने पिता को एक रोल मॉडल के तौर पर देखना। बस उनका हाथ थामना, उनकी आवाज़ सुनना - मैं हर दिन उनकी हर बात को याद करती हूँ, और हमेशा करती रहूँगी।"