उदयनिधि स्टालिन का सनातन धर्म पर विवादास्पद बयान
तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का बयान
तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा- तमिलनाडु में किसी भी सरकारी कार्यक्रम में तमिल थाई वाझथु को पहला स्थान मिलना चाहिए
Tamil Nadu Assembly Session, चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कहकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय को तमिल थाई वाझथु गीत को लेकर कड़ी चेतावनी दी। मंगलवार को विधानसभा में उदयनिधि ने कहा कि सनातन धर्म को समाप्त किया जाना चाहिए क्योंकि यह समाज को बांटता है।
उदयनिधि का विवादास्पद बयान
उदयनिधि ने पहले भी सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से की थी। इसके बाद मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी। उन्होंने विजय के शपथ ग्रहण समारोह में तमिल थाई वाझथु को तीसरे स्थान पर रखने का मुद्दा उठाया और कहा कि इसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी।
उदयनिधि ने कहा, "हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। तमिलनाडु में किसी भी सरकारी कार्यक्रम में तमिल थाई वाझथु को पहले स्थान पर होना चाहिए।" दरअसल, 10 मई को विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले वंदे मातरम और फिर जन गण मन बजाया गया, जबकि तमिल राज्य गीत बाद में बजाया गया।
सनातन धर्म पर उदयनिधि के पूर्व के बयान
उदयनिधि ने 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में कहा था कि सनातन धर्म मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना की तरह है, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें समाप्त करना आवश्यक है।
विवाद बढ़ने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निशाना हिंदू धर्म नहीं, बल्कि सनातन प्रथा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में पिछले 100 वर्षों से इस प्रथा के खिलाफ आवाजें उठाई जा रही हैं और वे अगले 200 वर्षों तक भी इसके खिलाफ बोलते रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च 2025 को उदयनिधि स्टालिन को फटकार लगाते हुए कहा था कि उन्होंने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि स्टालिन को अपने बयानों के परिणामों के बारे में सोचना चाहिए था।