उर्फी जावेद की संघर्ष की कहानी: सोशल मीडिया से मिली नई पहचान
उर्फी जावेद की कठिनाइयों का सफर
उर्फी जावेद की संघर्ष की कहानी: इंटरनेट पर अपनी अनोखी स्टाइल और बोल्ड आउटफिट्स के लिए मशहूर उर्फी जावेद ने हाल ही में सोहा अली खान के पॉडकास्ट में अपने कठिन दिनों का जिक्र किया। उनकी सफलता का सफर आसान नहीं रहा है।
उर्फी की कमाई में अचानक वृद्धि
उर्फी ने बताया कि पहले टीवी इंडस्ट्री में उनकी कमाई केवल 40 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने अपने जालिम पिता से बचने के लिए घर छोड़ने का निर्णय लिया और मुंबई में स्टार बनने का सपना देखा। शुरुआत में उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों के लिए ऑडिशन दिए, लेकिन बिना किसी कनेक्शन के काम मिलना कठिन था। इसके बाद उन्होंने टीवी में अवसर तलाशने का सोचा, लेकिन वहां भी स्थिति कुछ खास नहीं थी।
उर्फी ने बताया कि टीवी में उन्हें ज्यादातर छोटे-छोटे रोल मिले, जहां काम के घंटे लंबे और पेमेंट कम थे। उन्होंने कहा कि टीवी इंडस्ट्री में काम करने वालों के साथ सम्मान की कमी होती है। कई बार उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
सोशल मीडिया ने बदली उर्फी की किस्मत
जब टीवी से निराशा होने लगी, तो उर्फी ने सोशल मीडिया को अपना मंच बनाया। अपने अनोखे और बोल्ड फैशन स्टेटमेंट्स के जरिए उन्होंने तेजी से लोकप्रियता हासिल की। लोग उनकी क्रिएटिविटी और आत्मविश्वास को सराहने लगे। धीरे-धीरे ब्रांड्स ने उन्हें नोटिस करना शुरू किया और बड़े ऑफर्स मिलने लगे।
उर्फी ने पॉडकास्ट में कहा, 'टीवी में 40 हजार रुपये कमाती थी, लेकिन अब सोशल मीडिया के जरिए मेरी कमाई 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है।' केवल पैसे ही नहीं, बल्कि उनका आत्मविश्वास और पहचान भी कई गुना बढ़ गई है। आज उर्फी न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सपनों को पूरा करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। घर छोड़ने से लेकर मुंबई में अकेले संघर्ष करने तक का सफर उन्होंने बिना किसी सहारे के तय किया।