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उर्फी जावेद ने कॉमेडियन मधुर विरली पर साधा निशाना

उर्फी जावेद ने हाल ही में कॉमेडियन मधुर विरली के एक विवादास्पद जोक पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा कि रेप जैसे गंभीर मुद्दे पर मजाक करना गलत है। इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और उर्फी का क्या कहना है।
 

उर्फी जावेद का विवादित स्टैंड-अप कॉमेडी पर बयान


उर्फी जावेद ने कॉमेडियन मधुर विरली पर निशाना साधा: बॉलीवुड और रियलिटी शो की जानी-मानी हस्ती उर्फी जावेद ने हाल ही में एक विवादास्पद स्टैंड-अप कॉमेडी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कॉमेडियन मधुर विरली रेप पर बेहद असंवेदनशील और अश्लील मजाक कर रहे हैं।


प्रणीत मोरे के बाद अब मधुर विरली पर विवाद!


उर्फी ने इस वीडियो को देखने के बाद इंस्टाग्राम पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'क्या अब हम रेप पर भी मजाक कर रहे हैं? कृपया मेल कॉमेडियंस, अपनी टीम में कुछ महिलाओं को शामिल करें, ताकि आपको थोड़ी संवेदनशीलता मिल सके।' उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे सराहा।


Uorfi Slams Comedian X


वीडियो में मधुर विरली कहते हैं, '10 रेप केस में से 9 में केवल रेप होता है और एक में मर्डर आफ्टर रेप। मुझे लगता है कि यह तब होता होगा जब रेप के बाद लड़की कहती होगी, 'क्या तुम कडल नहीं करोगे?' तब लड़का चाकू मार देता होगा, 'चाकू के साथ कडल कर लो।' इस मजाक पर ऑडियंस की हंसी भी सुनाई दे रही थी।


इस मजाक के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैल गया। कई यूजर्स ने कहा कि रेप जैसे गंभीर मुद्दे पर हंसी उड़ाना गलत है। खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देश में पहले से ही संवेदनशील माहौल है, ऐसे में ऐसे जोक्स समाज को गलत संदेश देते हैं।


यह विवाद उस समय सामने आया है जब कॉमेडियन प्रणीत मोरे के '₹370 बिरयानी' वाले मजाक पर भी बहस चल रही है। लगातार विवादास्पद जोक्स के कारण स्टैंड-अप कॉमेडी इंडस्ट्री की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या मनोरंजन के नाम पर कुछ भी कहना उचित है?


उर्फी जावेद ने हमेशा महिलाओं के मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने पहले भी बॉडी शेमिंग, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई है। उनका यह लेटेस्ट बयान भी महिलाओं की आवाज को मजबूत करता दिख रहा है। कॉमेडी इंडस्ट्री के कई लोग अब इस पर चर्चा कर रहे हैं कि जोक्स की सीमा क्या होनी चाहिए। कुछ कॉमेडियंस का कहना है कि डार्क ह्यूमर में भी संवेदनशीलता जरूरी है, जबकि कुछ इसे क्रिएटिव फ्रीडम मानते हैं।