ऋषि कपूर के नाम का कॉपीराइट: परिवार ने उठाया महत्वपूर्ण कदम
मुंबई में कपूर परिवार का नया कदम
मुंबई: दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की विरासत की सुरक्षा के लिए कपूर परिवार ने उनके नाम पर कॉपीराइट हासिल किया है। यह निर्णय हाल ही में लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी व्यक्ति, कंपनी या संगठन 'ऋषि कपूर' नाम का व्यावसायिक या सार्वजनिक उपयोग करने से पहले परिवार की लिखित अनुमति प्राप्त करे।
बिना अनुमति नहीं होगा नाम का उपयोग
एक सूत्र के अनुसार, इस कॉपीराइट के अंतर्गत नाम का कोई भी उल्लेख, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, परिवार की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकेगा। यह निर्णय ऋषि कपूर की याद, छवि और उनके अद्वितीय व्यक्तित्व की रक्षा के लिए लिया गया है। अक्सर सेलिब्रिटी के नाम का दुरुपयोग विज्ञापनों, उत्पादों, डीपफेक या फर्जी सामग्री में किया जाता है, जिसे रोकने का यह प्रयास है।
ऋषि कपूर का फिल्मी करियर
150 से ज्यादा फिल्मों में किया काम
ऋषि कपूर हिंदी सिनेमा के सबसे प्रिय सितारों में से एक थे। उन्होंने 150 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। 1970-80 के दशक में रोमांटिक हीरो के रूप में 'बॉबी' जैसी क्लासिक फिल्म से उन्होंने दर्शकों का दिल जीता। उनकी मुस्कान, स्टाइल और अभिनय ने फैंस को दीवाना बना दिया। बाद में उन्होंने कैरेक्टर रोल्स में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया, जैसे 'अग्निपथ', 'कपूर एंड संस' और 'मुल्क' में।
ऋषि कपूर का निधन
ल्यूकेमिया से जंग हारकर हुआ था निधन
30 अप्रैल 2020 को 67 वर्ष की आयु में ल्यूकेमिया से जंग हारकर उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। यह कदम बॉलीवुड में बढ़ते ट्रेंड का हिस्सा है, जहां कई सेलिब्रिटी अपनी जिंदगी में या परिवार के बाद पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा करते हैं। हाल ही में शिल्पा शेट्टी को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत मिली, जहां उनके नाम, छवि, आवाज और लुक के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगाई गई।
काजोल, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, विवेक ओबेरॉय और अनिल कपूर जैसे सितारों ने भी दिल्ली या बॉम्बे हाई कोर्ट से ऐसी सुरक्षा हासिल की है। ये निर्णय डीपफेक, एआई सामग्री और ऑनलाइन दुरुपयोग से बचाव के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऋषि कपूर के मामले में परिवार ने उनकी याद को सम्मानजनक बनाए रखने और चिंटू जी की छवि को सुरक्षित करने का प्रयास किया है। फैंस इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनकी विरासत सुरक्षित रहेगी।