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ऑस्कर 2026 में धर्मेंद्र का नाम न होने से फैंस में निराशा

98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में धर्मेंद्र का नाम 'इन मेमोरियम' सेगमेंट में शामिल नहीं किया गया, जिससे उनके प्रशंसकों में निराशा फैल गई। लॉस एंजेलेस में आयोजित इस समारोह में कई हॉलीवुड दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन भारतीय सिनेमा के इस आइकॉन को नजरअंदाज किया गया। जानें इस पर फैंस की क्या प्रतिक्रिया रही और ऑस्कर के इतिहास में भारतीय सिनेमा की भूमिका के बारे में।
 

धर्मेंद्र का नाम 'इन मेमोरियम' में न होना


मुंबई: 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स के 'इन मेमोरियम' सेगमेंट ने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के प्रशंसकों को गहरा धक्का दिया है। लॉस एंजेलेस में आयोजित इस भव्य समारोह में हॉलीवुड के कई प्रमुख नामों को भावुक श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन धर्मेंद्र का नाम मंच पर नहीं लिया गया। इससे भारतीय सिनेमा प्रेमियों में निराशा का माहौल बन गया है।


धर्मेंद्र का करियर और फैंस की उम्मीदें

धर्मेंद्र, जिन्हें 'ही-मैन' और 'गरम धर्म' के नाम से जाना जाता है, ने अपने 60 साल से अधिक के करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया। 'शोले', 'सीता और गीता', 'चुपके चुपके' जैसी क्लासिक फिल्मों ने उन्हें दर्शकों का प्रिय बना दिया। नवंबर 2025 में 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ था, जिसके बाद फैंस को उम्मीद थी कि ऑस्कर जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।


बिली क्रिस्टल की श्रद्धांजलि

इस वर्ष का 'इन मेमोरियम' सेगमेंट काफी लंबा था, जिसमें रॉब रेनर, कैथरीन ओ'हारा, डायने कीटन, और रॉबर्ट रेडफोर्ड जैसे हॉलीवुड के दिग्गजों को विशेष रूप से याद किया गया। बिली क्रिस्टल ने रॉब रेनर को भावुक श्रद्धांजलि दी, जबकि रेचल मैकएडम्स ने कैथरीन ओ'हारा और डायने कीटन की भूमिकाओं का उल्लेख किया। इस सेगमेंट में कई हॉलीवुड फिल्मों के आइकॉनिक कलाकारों को स्थान मिला, लेकिन बॉलीवुड से किसी का नाम नहीं लिया गया। हालांकि, बाद में अकादमी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत 'इन मेमोरियम' सूची जारी की, जिसमें धर्मेंद्र का नाम शामिल किया गया।


अन्य भारतीय हस्तियों का जिक्र

इस सूची में अन्य भारतीय सिनेमा की हस्तियों जैसे मनोज कुमार, बी. सरोजा देवी, और कोटा श्रीनिवास राव का भी उल्लेख किया गया है। लेकिन टीवी पर प्रसारित सेगमेंट में इन नामों को नहीं दिखाया गया, जिससे विवाद बढ़ गया। कई प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर इसे 'स्नब' बताया और कहा कि ऑस्कर मुख्य रूप से हॉलीवुड-केंद्रित रहता है।


पिछले वर्षों में ऑस्कर ने भारतीय सिनेमा को याद किया है। इरफान खान, श्रीदेवी, शशि कपूर, भानु अथैया, और नितिन चंद्रकांत देसाई जैसे नामों को 'इन मेमोरियम' में स्थान मिल चुका है। ऐसे में धर्मेंद्र जैसे आइकॉन को मंच पर न दिखाना प्रशंसकों के लिए एक बड़ा निराशाजनक अनुभव रहा। कई लोगों का मानना है कि वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा के योगदान को और अधिक मान्यता मिलनी चाहिए।