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करिश्मा कपूर को सुप्रीम कोर्ट से नोटिस, पारिवारिक विवाद में नया मोड़

करिश्मा कपूर को सुप्रीम कोर्ट से नोटिस जारी किया गया है, जो दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर द्वारा दायर याचिका के बाद आया है। याचिका में करिश्मा और संजय के तलाक से जुड़े दस्तावेजों की मांग की गई है। इस बीच, करिश्मा के बच्चों ने अपने पिता की वसीयत पर सवाल उठाए हैं, जिससे मामला और जटिल हो गया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 

सुप्रीम कोर्ट का नोटिस


मुंबई: करिश्मा कपूर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर की ओर से दायर याचिका के बाद आया है। याचिका में यह मांग की गई है कि करिश्मा कपूर और संजय कपूर के 2016 में हुए तलाक से संबंधित सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं। इस घटनाक्रम ने पहले से चल रहे पारिवारिक और संपत्ति विवाद को और जटिल बना दिया है।


प्रिया कपूर ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि उन्हें करिश्मा और संजय के तलाक से जुड़े वित्तीय समझौतों और बच्चों की कस्टडी से संबंधित जानकारी दी जाए। उनका तर्क है कि ये दस्तावेज मौजूदा संपत्ति विवाद को समझने और तथ्यों की पुष्टि के लिए आवश्यक हैं। प्रिया का कहना है कि इन रिकॉर्ड्स से यह स्पष्ट होगा कि संजय कपूर की संपत्ति और जिम्मेदारियों को लेकर पहले क्या सहमति बनी थी।


बच्चों का वसीयत पर सवाल

करिश्मा के बच्चों ने वसीयत पर उठाए सवाल


इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बच्चे समायरा और कियान ने अपने पिता की कथित वसीयत पर सवाल उठाए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों बच्चों ने वसीयत से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूतों पर गंभीर संदेह व्यक्त किया है। उनका दावा है कि जो रिकॉर्ड दिल्ली हाई कोर्ट में प्रस्तुत किए गए हैं, उनमें कई विसंगतियां हैं।


लोकेशन डेटा का बड़ा खुलासा

लोकेशन डेटा से जुड़ा बड़ा दावा


रिपोर्ट्स के अनुसार, रिकॉर्ड में यह सामने आया है कि प्रिया कपूर का मोबाइल फोन 21 मार्च 2025 को नई दिल्ली में लोकेट हुआ था। जबकि प्रिया का दावा है कि वह उस दिन गुरुग्राम में थीं, जहां कथित तौर पर संजय कपूर की विवादित वसीयत पर हस्ताक्षर किए गए थे। बच्चों की ओर से दायर आपत्ति में कहा गया है कि यह अंतर कई सवाल खड़े करता है और वसीयत की प्रामाणिकता पर संदेह पैदा करता है।


याचिका में यह भी दावा किया गया है कि 21 मार्च 2025 को संजय कपूर और प्रिया कपूर दिल्ली में मौजूद थे, न कि गुरुग्राम में। इसी दिन करिश्मा कपूर कथित तौर पर संजय कपूर के संपर्क में थीं और बच्चों की पुर्तगाली नागरिकता को लेकर व्हाट्सएप पर बातचीत चल रही थी। इन दावों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि इसमें ऑनलाइन ट्रैकिंग और डिजिटल सबूतों का जिक्र किया गया है।