काजोल ने न्यासा की परवरिश में आए संघर्षों के बारे में साझा की बातें
काजोल की बेटी न्यासा के साथ रिश्ते की कहानी
मुंबई: प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल ने अपनी बेटी न्यासा देवगन की परवरिश के दौरान आए कठिन समय के बारे में खुलकर चर्चा की है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि जेन Z की बेटी को समझना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। काजोल ने स्वीकार किया कि लगभग तीन वर्षों तक उनके और न्यासा के बीच तनावपूर्ण संबंध रहे, जिसके कारण अक्सर झगड़े होते थे।
काजोल ने कहा, 'जब न्यासा 12 साल की हुई, तो उसके हॉर्मोन्स का प्रभाव शुरू हो गया। हम दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए थे। हम झगड़ते थे और दोनों ही समय पर तर्कहीन हो जाते थे।' उन्होंने आगे कहा कि बड़े होने के नाते उन्होंने खुद को संभाला और निर्णय लिया कि अब झगड़े कम करेंगी। इसके बजाय, वे न्यासा से संवाद करने का प्रयास करेंगी। 'मैंने सोचा कि जितना संभव हो सके, उससे बात करूंगी, जब तक वह मेरी बात सुनने लगे। मैं उसके साथ सहयोग करूंगी।'
काजोल ने यह भी बताया कि उन तीन वर्षों में दोनों के बीच 'मैं तुम्हारी नहीं सुनना चाहती' जैसा रवैया रहा। लेकिन धीरे-धीरे झगड़े कम हुए और लंबी बातचीत शुरू हुई। काजोल ने सबसे बड़ा सबक यह सीखा कि सुनना बोलने से अधिक महत्वपूर्ण है। 'मुझे एहसास हुआ कि बात करना कम और उसे जगह देना, उसकी बात सुनना ज्यादा जरूरी है। यही सबसे बड़ा बदलाव लाया।'
अब न्यासा 23 वर्ष की हो चुकी हैं और मां-बेटी का रिश्ता पहले से कहीं बेहतर है। न्यासा के हालिया जन्मदिन पर काजोल ने प्यारी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'मैं इतनी धन्य हूं… वह पैदा हुई और दुनिया बदल गई। मैं रोज भगवान का धन्यवाद करती हूं। तुम परफेक्ट हो और हमेशा मेरी हो। हैप्पी बर्थडे टू यू एंड मी।' काजोल ने यह भी कहा कि न्यासा को फिल्मों में आने में कोई रुचि नहीं है। पॉडकास्ट में काजोल ने जेन Z बच्चों की परवरिश की चुनौतियों पर भी चर्चा की और कहा कि आज के माता-पिता को अधिक धैर्य और समझदारी से काम लेना पड़ता है।