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क्या संजय दत्त और नोरा फतेही का नया गाना 'सरके चुनर तेरी सरके' अश्लीलता की नई परिभाषा है?

संजय दत्त और नोरा फतेही का नया गाना 'सरके चुनर तेरी सरके' हाल ही में रिलीज हुआ है और इसने सोशल मीडिया पर काफी विवाद खड़ा कर दिया है। गाने के बोल और डांस स्टेप्स ने कई लोगों को नाराज कर दिया है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या संगीत में अश्लीलता की सीमाएं पार हो गई हैं। भोजपुरी गानों की तुलना में यह गाना कैसे है, जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
 

संगीत में अश्लीलता का नया उदाहरण


नई दिल्ली: हाल के दिनों में संगीत की दुनिया में अश्लीलता की सीमाएं पार होती नजर आ रही हैं। हाल ही में संजय दत्त और नोरा फतेही का नया गाना 'सरके चुनर तेरी सरके' रिलीज हुआ है, जिसने सोशल मीडिया पर काफी विवाद खड़ा कर दिया है। यह गाना कन्नड़ पैन-इंडिया फिल्म 'केडी: द डेविल' से संबंधित है, जो 30 अप्रैल 2026 को प्रदर्शित होने वाली है। हालांकि, गाने के बोल और डांस मूव्स ने कई लोगों को नाराज कर दिया है।


गाने की कहानी और विवाद

गाने की शूटिंग एक डांस बार में की गई है, जहां नोरा फतेही बैकअप डांसर्स के साथ थिरकती नजर आ रही हैं। प्रोमो में नोरा घाघरा-चोली पहने हुए हैं, जिसमें उनका पल्लू बार-बार गिरता और उठता है। गाने की तेज बीट्स और हाई-एनर्जी म्यूजिक ने इसे लोकप्रिय बना दिया, लेकिन जब पूरा लिरिक्स वीडियो सामने आया, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।


गाने के शुरुआती बोल जैसे "सरके चुनर तेरी सरके" और अन्य पंक्तियाँ स्पष्ट रूप से डबल मीनिंग वाली हैं। कई लोग इसे अश्लीलता की पराकाष्ठा मान रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "अश्लीलता अपने चरम पर है।" वहीं, दूसरे ने कहा, "2026 में भी ऐसे गाने? यह बकवास है।"


भोजपुरी गानों की तुलना

भोजपुरी गाने भी डांस और मस्ती से भरे होते हैं, लेकिन उनमें आमतौर पर मजेदार, देसी और दिल को छूने वाले बोल होते हैं। ये गाने संस्कृति, गांव की जिंदगी और प्यार को दर्शाते हैं। उनके बोल सरल और मजाकिया होते हैं, लेकिन वे अश्लीलता से दूर रहते हैं। लोग भोजपुरी गानों को सुनकर परिवार के साथ भी आनंद लेते हैं।


इसके विपरीत, 'सरके चुनर तेरी सरके' जैसे गाने डबल मीनिंग के नाम पर वल्गर बातें करते हैं, जो समाज में गलत संदेश फैलाते हैं। खासकर युवाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कई लोग ऐसे गानों पर बैन लगाने की मांग कर रहे हैं।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ

सोशल मीडिया पर कुछ प्रशंसक नोरा के डांस की सराहना कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश यूजर्स गाने के बोलों की आलोचना कर रहे हैं। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब संगीत में केवल अश्लीलता ही बिकेगी? भोजपुरी गाने यह साबित करते हैं कि मस्ती और मनोरंजन बिना घटिया बोलों के भी संभव है।


अगर फिल्में और गाने अच्छे संदेश, बेहतरीन संगीत और साफ-सुथरे मनोरंजन पर ध्यान केंद्रित करें, तो दर्शक अधिक खुश रहेंगे। 'सरके चुनर तेरी सरके' जैसे गाने देखकर यह स्पष्ट होता है कि भोजपुरी स्टाइल के गाने कहीं अधिक बेहतर और सम्मानजनक हैं।