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गाजीपुर में शिक्षकों के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, पेंशन और सैलरी दोनों ले रहे थे

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक इंटर कॉलेज के 13 शिक्षकों के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें उन्होंने न केवल अपनी सैलरी ली, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पेंशन का भी लाभ उठाया। यह घोटाला तब उजागर हुआ जब एक विधवा ने अपने पति की पेंशन के लिए शिकायत की। जांच में पता चला कि इनमें से कुछ शिक्षक पहले ही निधन हो चुके थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए कॉलेज प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
 

गाजीपुर में शिक्षा विभाग का बड़ा घोटाला

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हैरान कर दिया है। यहां एक इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक ने चालाकी से विभाग की नजरों में धूल झोंकते हुए न केवल अपनी पूरी सैलरी ले रहे थे, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से खुद को रिटायर दिखाकर पेंशन का भी लाभ उठा रहे थे। इस घोटाले का खुलासा होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने 13 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।


फर्जी पेंशन का खेल


यह मामला गंगा प्रसाद राम प्रसाद यादव इंटर कॉलेज का है, जहां जांच में पता चला कि 13 एडहॉक शिक्षकों ने फर्जी पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) के जरिए अवैध रूप से पेंशन लेना शुरू कर दिया था। पुलिस की एफआईआर में यह भी सामने आया कि इनमें से कुछ शिक्षक पहले ही निधन हो चुके थे, जबकि कुछ ने काम छोड़ दिया था। लेकिन सहायक अध्यापक अशोक पांडे ने ड्यूटी करते हुए नियमित सैलरी और फर्जी PPO के आधार पर पेंशन दोनों का लाभ उठाया।


एक विधवा की शिकायत ने खोली पोल


इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा एक विधवा की शिकायत से हुआ। 2018 में कॉलेज के शिक्षक हरिद्वार राम का निधन हो गया था। उनकी पत्नी प्रेमिला को पारिवारिक पेंशन नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनके पति के सहकर्मियों को पेंशन मिल रही है, जबकि एडहॉक शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिलना चाहिए। इस शिकायत ने पूरे घोटाले की परतें खोल दीं।


आरोपियों का निलंबन और जांच की गहराई


महिला की शिकायत पर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए वाराणसी के उपनिदेशक को पत्र लिखा। जब जांच शुरू हुई, तो पता चला कि ये शिक्षक जिन PPO नंबरों का उपयोग कर रहे थे, वे असल में अन्य पेंशनभोगियों के नाम पर पहले से जारी किए गए थे। फर्जी पेंशन लेने के आरोप में अशोक पांडे को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें कॉलेज परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है।