गौतम बुद्ध नगर में दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस का नया अभियान
पुलिस का ऑपरेशन अपराजेय
नोएडा: गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए 'ऑपरेशन अपराजेय' की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों का गोपनीय रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, और हर 15 दिन में उनकी स्थिति की जानकारी ली जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर, नजदीकी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही, एक मोबाइल नंबर जारी किया गया है और महिला सुरक्षा डीसीपी को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। वर्तमान में 1645 दिव्यांग बच्चों की पहचान की गई है और एक विशेष टीम को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पुलिस बच्चों और उनके परिवारों को डायल-112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी प्रदान करेगी, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके। इसके अलावा, बच्चों की देखभाल करने वाले केयरटेकर का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और उनका नियमित चरित्र सत्यापन भी किया जाएगा। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि केयरटेकर को आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त हो।
हर थाने के मिशन शक्ति केंद्र में दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों का पूरा रिकॉर्ड गोपनीय रखा जाएगा। यदि किसी को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होगी, तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 8595902539 जारी किया है, जिस पर संपर्क कर किसी भी समस्या की जानकारी दी जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, कमिश्नरेट पुलिस की साइबर सुरक्षा टीम ने एक नई पहल शुरू की है। अब साइबर पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताएगी। इस अभियान में बच्चों और साइबर विशेषज्ञों के वीडियो भी शामिल होंगे, जो सरल भाषा में बताएंगे कि ठग किस तरह लोगों को निशाना बनाते हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में साइबर डीसीपी शैव्या गोयल इस अभियान की निगरानी करेंगी, जिसमें फिशिंग लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी, डिजिटल गिरफ्तारी, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, इम्पर्सोनेशन और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे मामलों की जानकारी दी जाएगी।