×

जावेद अख्तर ने क्यों नहीं लिखा बॉर्डर 2 के गाने?

जावेद अख्तर ने 'बॉर्डर 2' के गाने नहीं लिखने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि पुराने गानों को दोहराना रचनात्मक दिवालियापन है। इस लेख में जानें कि उन्होंने क्यों कहा कि नई यादें बनानी चाहिए और फिल्म के नए गानों के बारे में क्या राय है। क्या 'बॉर्डर 2' दर्शकों के दिलों में वही स्थान बना पाएगी? पढ़ें पूरी जानकारी के लिए।
 

बॉर्डर: एक यादगार फिल्म


नई दिल्ली: 1997 में रिलीज हुई जेपी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' को भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित युद्ध फिल्मों में से एक माना जाता है। इसके संवाद, पात्र और विशेषकर इसके गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। 'संदेशे आते हैं' जैसे गाने ने देशभक्ति की भावना को एक नई पहचान दी। अब, लगभग 28 साल बाद, 'बॉर्डर 2' का आगमन हो रहा है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि पहले भाग के गीतकार जावेद अख्तर इस सीक्वल से क्यों नहीं जुड़े।


बॉर्डर का महत्व

'बॉर्डर' केवल एक फिल्म नहीं थी, बल्कि यह एक अनुभव बन गई। इसमें दिखाए गए सैनिकों का जज्बा, परिवार से दूर रहने का दर्द और देश के प्रति बलिदान की भावना ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। जावेद अख्तर के लिखे गाने आज भी सुनते ही लोगों को भावुक कर देते हैं, और यही कारण है कि 'बॉर्डर' को आज भी याद किया जाता है।


बॉर्डर 2 की उम्मीदें

बॉर्डर 2 से जुड़ी उम्मीदें


जब 'बॉर्डर 2' की घोषणा हुई, तो दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें फिर से वही भावनात्मक गहराई और देशभक्ति देखने को मिलेगी। लेकिन जैसे ही नए गाने जारी हुए, सवाल उठने लगा कि जावेद अख्तर जैसे दिग्गज गीतकार इस प्रोजेक्ट का हिस्सा क्यों नहीं हैं।


जावेद अख्तर का स्पष्टीकरण

जावेद अख्तर ने खुद बताई वजह


एक निजी न्यूज़ चैनल के साथ बातचीत में जावेद अख्तर ने स्पष्ट किया कि मेकर्स ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने खुद मना कर दिया। उनका कहना था कि पुराने हिट गानों को थोड़ा बदलकर फिर से पेश करना रचनात्मक दिवालियापन है। उन्होंने कहा कि या तो नए स्तर का काम करो या यह स्वीकार करो कि अब वैसा काम संभव नहीं है।


नई यादों का निर्माण

पुरानी यादों पर टिके रहना सही नहीं


जावेद अख्तर ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने 'हकीकत' के बाद 'बॉर्डर' पर काम किया, तब पुराने गानों को दोहराने के बजाय नए गीत लिखे गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नई फिल्म बन रही है, तो नई यादें क्यों नहीं बनाई जातीं। उनके अनुसार, केवल नॉस्टैल्जिया के सहारे फिल्म को आगे बढ़ाना सही नहीं है।


बॉर्डर 2 के गाने

बॉर्डर 2 के गानों को लेकर राय


'बॉर्डर 2' में पुराने और नए गानों का मिश्रण देखने को मिलेगा। 'घर कब आओगे' को नए अंदाज में पेश किया गया है, जबकि कुछ अन्य गाने नए गायकों से गवाए गए हैं। हालांकि, जावेद अख्तर का मानना है कि दर्शकों को केवल पुरानी भावनाओं में उलझाने के बजाय नई भावनाएं दी जानी चाहिए थीं। अब देखना यह है कि 'बॉर्डर 2' दर्शकों के दिलों में वही स्थान बना पाती है या नहीं।