डॉन 3 विवाद: FWICE और रणवीर सिंह के बीच बढ़ता तनाव
डॉन 3 विवाद की गहराई
डॉन 3 विवाद: FWICE और अभिनेता रणवीर सिंह के बीच 'डॉन 3' को लेकर चल रहा विवाद अब और गंभीर हो गया है। इस मामले में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के सलाहकार अशोक पंडित ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।
FWICE के अशोक पंडित का खुलासा
अशोक पंडित ने कहा कि 'डॉन 3' से संबंधित विवाद की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ-साथ रणवीर सिंह और फिल्म निर्माता फरहान अख्तर के बीच हुई व्हाट्सऐप बातचीत की भी समीक्षा की गई थी।
प्री-प्रोडक्शन में खर्च
एक साक्षात्कार में, पंडित ने बताया कि फिल्म के निर्माता और निर्देशक ने फेडरेशन के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, फिल्म की प्री-प्रोडक्शन प्रक्रिया पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। शिकायत के साथ खर्च का पूरा विवरण, साइनिंग अमाउंट से संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक कागजात भी प्रस्तुत किए गए थे।
पंडित ने कहा कि बड़े बजट की फिल्मों में इस तरह का खर्च असामान्य नहीं होता। यदि किसी फिल्म का कुल बजट लगभग 300 करोड़ रुपये है, तो प्री-प्रोडक्शन पर 45 करोड़ रुपये खर्च होना सामान्य है। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने में केवल तीन हफ्ते बचे थे, तभी अचानक प्रोजेक्ट से अलग होने का निर्णय लिया गया, जिससे पूरी टीम को बड़ा झटका लगा।
FWICE की प्रक्रिया
अशोक पंडित ने स्पष्ट किया कि FWICE ने एकतरफा निर्णय नहीं लिया। फेडरेशन की प्रक्रिया के अनुसार, दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। पंडित के अनुसार, रणवीर सिंह की ओर से जवाब जानने के लिए तीन बार पत्र भेजे गए, लेकिन कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि बाद में जो जवाब आया, उसमें केवल यह सवाल उठाया गया था कि क्या इस मामले में फेडरेशन को हस्तक्षेप करने का अधिकार है। उनका कहना है कि सभी उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों की समीक्षा करने के बाद ही गैर-सहयोग का निर्णय लिया गया।
रणवीर सिंह की चुप्पी
हालांकि, रणवीर सिंह या उनकी टीम की ओर से अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस कारण 'डॉन 3' विवाद को लेकर फैंस के बीच उत्सुकता बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अभिनेता इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी कब तोड़ते हैं।