डोनाल्ड ट्रंप का नया अंतरराष्ट्रीय संगठन: बोर्ड ऑफ पीस
बोर्ड ऑफ पीस की स्थापना
बोर्ड ऑफ पीस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई अंतरराष्ट्रीय संस्था की योजना बनाई है, जिसका नाम 'बोर्ड ऑफ पीस' है। ट्रंप का कहना है कि इस संस्था का उद्देश्य वैश्विक संघर्षों का समाधान करना और स्थायी शांति स्थापित करना है। हालांकि, वह कई देशों पर इस संस्था का सदस्य बनने के लिए दबाव भी बना रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को समाप्त कर बोर्ड ऑफ पीस की स्थापना का इरादा भी व्यक्त किया है।
ट्रंप का दावा है कि बोर्ड ऑफ पीस, संयुक्त राष्ट्र की तुलना में अधिक प्रभावी होगा और यह विश्व में शांति लाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह संस्था एक दिन संयुक्त राष्ट्र की जगह ले सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र में क्षमताएं हैं, लेकिन वह कभी भी विश्व शांति स्थापित करने में सफल नहीं हो सका। लेकिन, उनका मानना है कि बोर्ड ऑफ पीस ऐसा कर सकता है।
हालांकि, ट्रंप के इन दावों में उनके व्यक्तिगत स्वार्थ भी झलकते हैं, क्योंकि उन्होंने बोर्ड ऑफ पीस के कार्यकारी बोर्ड में अपने करीबी सहयोगियों को शामिल किया है। इनमें वर्ल्ड बैंक ग्रुप के भारतीय-अमेरिकी अध्यक्ष अजय बंगा, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन रहेंगे, और इसके ड्राफ्ट के अनुसार, वह अनिश्चितकाल तक इस पद पर बने रहेंगे।
ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और हंगरी तथा बेलारूस के नेताओं को आमंत्रित किया है। इसके अलावा, भारत, पाकिस्तान और यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा समेत कई देशों को भी शामिल होने का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, फ्रांस ने इस प्रस्ताव से इनकार कर दिया है।