डोनाल्ड ट्रंप की राजनीति: एक बनराकस की तरह
इस लेख में डोनाल्ड ट्रंप की राजनीति का विश्लेषण किया गया है, जिसमें उनकी हरकतों को पंचायत वेब सीरीज के बनराकस के किरदार से जोड़ा गया है। जानें कैसे ट्रंप की मांगें हमेशा बदलती हैं और उनका प्रभाव वैश्विक संबंधों पर पड़ता है। भारत पर उनके टैरिफ और यू-टर्न लेने की आदतों पर भी चर्चा की गई है। क्या ट्रंप की राजनीति वास्तव में प्रभावी है? जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
Aug 28, 2025, 16:54 IST
ट्रंप की हरकतें और बनराकस का किरदार
यदि आपने पंचायत वेब सीरीज देखी है, तो भूषण का किरदार आपको याद होगा, जिसे लोग उसकी हरकतों के कारण बनराकस कहते हैं। हालिया सीजन में विधायक और प्रधान के बीच विवाद के समय, बनराकस कहता है कि डिमांड में थोड़ा बदलाव है। जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ती है, वह फिर से आता है और कहता है कि डिमांड में और बदलाव है। ये छोटे-छोटे बदलाव अंततः बड़े मुद्दों का कारण बन जाते हैं। इसी तरह, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हरकतें भी बनराकस जैसी हैं। वह हर बार किसी न किसी देश के साथ समझौता करना चाहते हैं, लेकिन जब समझौता अंतिम चरण में पहुंचता है, तो उनकी मांगें बदल जाती हैं। चाहे वह कोलंबिया हो, कनाडा या यूक्रेन, हर कोई ट्रंप की बातों को सुनकर चला जाता है।
भारत पर ट्रंप का टैरिफ
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है, यह कहते हुए कि यह तो बस शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका जितना चाहे डफली बजाए, भारत पर इसका कोई असर नहीं होगा। इसके साथ ही, भारत ने नए बाजारों की तलाश शुरू कर दी है, जबकि ट्रंप अनाप-शनाप बयान देने लगे हैं। ट्रंप ने भारत को झुकाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया कि वह राष्ट्रहित में ही काम करेगा।
ट्रंप का यू-टर्न
ट्रंप के लिए यू-टर्न लेना कोई नई बात नहीं है। अमेरिका में लोग गाड़ी चलाते समय भी उतने यू-टर्न नहीं लेते, जितने ट्रंप अपने बयानों में लेते हैं। एलन मस्क को दोस्त बताने के कुछ ही महीनों बाद, ट्रंप ने उनसे दुश्मनी कर ली। 2016 में, ट्रंप ने चीन को आड़े हाथों लेने की कसम खाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने शी जिनपिंग के साथ मीटिंग की और कहा कि चीन मुद्रा हेरफेर नहीं कर रहा। अपने पहले कार्यकाल के अंत में, ट्रंप ने टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की, लेकिन 2024 के चुनाव प्रचार में उन्होंने कहा कि उन्हें टिकटॉक पसंद है।
ट्रंप की राजनीति का स्वरूप
आपने बचपन में क्रिकेट खेलते समय देखा होगा कि जिस बच्चे के पास बैट होता है, वह हमेशा अपनी शर्तें रखता है। ट्रंप भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि दुनिया उनके सामने झुके, लेकिन अब कोई भी ऐसा करने को तैयार नहीं है। हाल ही में, ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन झुकेगा नहीं।
ट्रंप की वैश्विक छवि
ट्रंप की राजनीति एक व्हाट्सएप फॉरवर्ड की तरह है, जिसे पढ़कर लगता है कि कुछ गड़बड़ है, लेकिन लोग इसे आगे बढ़ाते हैं। भारत की ग्रैंड ओल्ड पार्टी भी इसी पर अपना नैरेटिव बुनने में लगी है। ट्रंप के शब्दों को पत्थर की लकीर मानना बेवकूफी होगी, क्योंकि ये तो रेत पर लिखे शब्दों की तरह हैं, जो हर लहर में मिट जाते हैं।