तमिल सिनेमा के दिग्गज गायक कृष्णराज का निधन: संगीत जगत में शोक की लहर
दुखद समाचार: कृष्णराज का निधन
नई दिल्ली: तमिल फिल्म उद्योग से एक दुखद समाचार आया है। प्रसिद्ध प्लेबैक गायक कृष्णराज का 75 वर्ष की आयु में चेन्नई में निधन हो गया। 1990 के दशक में उन्होंने कई तमिल फिल्मों के लिए गाने गाए, और उनके निधन से फिल्म और संगीत की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।
देवा के साथ उनकी सफल साझेदारी
कृष्णराज को संगीतकार देवा के साथ उनके सहयोग के लिए विशेष रूप से जाना जाता था। इस जोड़ी ने कई हिट गाने दिए। 1996 में रिलीज़ हुई फिल्म *काधल कोट्टई* का गाना 'वेल्लारिका पिंजू वेल्लारिका' उनके प्रसिद्ध गानों में से एक है। इसके अलावा, फिल्म *पोरक्कालम* का गाना 'थंजावूरु मन्नु एदुथु' भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा।
कृष्णराज को 'थंजावूरु मन्नु एदुथु' के लिए तमिलनाडु सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक का पुरस्कार भी मिला था। उनकी अद्वितीय आवाज और गाने का अंदाज उन्हें तमिल फिल्म संगीत में एक विशेष स्थान दिलाने में सफल रहा।
सरथ कुमार का शोक संदेश
अभिनेता सरथ कुमार ने कृष्णराज के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उनके योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि कृष्णराज ने तमिल सिनेमा में 300 से अधिक गाने गाए थे। सरथ ने उनके परिवार और करीबी लोगों के प्रति अपनी संवेदना भी प्रकट की।
मुख्यमंत्री विजय ने दी श्रद्धांजलि
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय ने भी कृष्णराज के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपनी अनोखी आवाज और जोशीले गानों के माध्यम से कृष्णराज ने लोगों के दिलों में एक खास स्थान बनाया था। गायिका चिन्मयी श्रीपदा और सुजाता मोहन सहित कई संगीत हस्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
यादों में हमेशा जिंदा रहेंगे
कृष्णराज ने अपने करियर में कई ऐसे गाने दिए हैं, जिन्हें आज भी तमिल संगीत प्रेमी पसंद करते हैं। संगीतकार देवा के साथ उनकी जोड़ी ने कई यादगार गीतों का निर्माण किया। उनके निधन से तमिल फिल्म संगीत ने एक अनुभवी गायक खो दिया है, और उनके गाने लंबे समय तक लोगों की यादों में जीवित रहेंगे।