तापसी पन्नू की फिल्म 'अस्सी' ने दर्शकों को किया प्रभावित, जानें रिव्यू
फिल्म 'अस्सी' की रिलीज और दर्शकों की प्रतिक्रिया
मुंबई: तापसी पन्नू की नई फिल्म 'अस्सी' आज 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई है। प्रारंभिक दर्शकों की प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट होता है कि यह एक प्रभावशाली और उत्कृष्ट कोर्टरूम ड्रामा बनकर उभरी है। अनुभव सिन्हा द्वारा निर्देशित यह फिल्म समाज की कड़वी सच्चाइयों को बिना किसी हिचकिचाहट के उजागर करती है, विशेषकर बलात्कार और न्याय प्रणाली से संबंधित मुद्दों पर।
फिल्म की कहानी और सामाजिक संदेश
फिल्म 'अस्सी' समाज की काली सच्चाई को उजागर करती है
कहानी एक मलयाली शिक्षिका परिमा (कनी कुश्रुति) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दिल्ली में गैंगरेप का शिकार होती है। तापसी पन्नू रावी के किरदार में हैं - एक दृढ़ और संघर्षशील वकील जो परिमा के लिए न्याय की लड़ाई लड़ती हैं। यह केवल एक केस की कहानी नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के प्रति अन्याय, पितृसत्ता, सोशल मीडिया की संवेदनहीनता और सिस्टम की कमजोरियों पर गहरा प्रहार है।
प्रारंभिक रिव्यू और दर्शकों की प्रतिक्रियाएँ
अनुभव सिन्हा ने पहले 'मुल्क' और 'थप्पड़' में भी संवेदनशील मुद्दों को उठाया था और 'अस्सी' उनकी तापसी के साथ तीसरी साझेदारी है। फिल्म में मोहम्मद जीशान अय्यूब, नसीरुद्दीन शाह, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा, रेवती, सीमा पाहवा और सुप्रिया पाठक जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
दर्शकों की समीक्षाएँ और फिल्म का प्रभाव
प्रारंभिक ट्विटर समीक्षाओं में दर्शकों ने फिल्म को 'बोल्ड', 'थॉट-प्रोवोकिंग' और 'सोशल मिरर' बताया है। एक यूजर ने लिखा- 'अस्सी देखना जरूरी है। अनुभव सिन्हा की शानदार डायरेक्शन और तापसी व कनी कुश्रुति की कमाल की परफॉर्मेंस आपको हिला कर रख देगी, समाज में क्या हो रहा है इस पर सोचने पर मजबूर कर देगी।' कई लोगों ने कहा कि फिल्म हर 20 मिनट में याद दिलाती है कि देखते वक्त ही देश में कई महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। यह मनोरंजन से ज्यादा एक आईना है जो समाज की काली सच्चाई दिखाता है। कुछ ने इसे 'ट्रिगरिंग और ट्रॉमेटिक' बताया, लेकिन जरूरी भी।
फिल्म का समापन और दर्शकों की राय
कुछ ने इसे 'अर्जेंट' और 'मस्ट-वॉच' कहा
तापसी की एक्टिंग को 'फियरलेस' और 'फेनोमेनल' कहा जा रहा है, जबकि कनी कुश्रुति की परफॉर्मेंस ने कई दर्शकों का दिल जीत लिया। समीक्षकों की राय मिश्रित है - कुछ ने इसे 'अर्जेंट' और 'मस्ट-वॉच' कहा है, जबकि कुछ ने कहा कि फिल्म कई मुद्दों को छूती है लेकिन कोई पूरा समाधान नहीं सुझाती, जिससे दूसरा हाफ थोड़ा भटकता लगता है। फिर भी ज्यादातर सहमत हैं कि यह फिल्म आपको असहज करती है, लेकिन यही इसका मकसद है - समाज को जगाना।
'अस्सी' उन फिल्मों में से है जो देखने के बाद लंबे समय तक दिमाग में रहती है। अगर आप हार्ड-हिटिंग सोशल ड्रामा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म थिएटर्स में देखने लायक है। यह सिर्फ एक मूवी नहीं, बल्कि एक जागरूकता का माध्यम है। तापसी और अनुभव सिन्हा की जोड़ी एक बार फिर कमाल कर गई है।