तापसी पन्नू ने उम्र के भेदभाव पर खोली बात, साउथ और बॉलीवुड में अनुभव साझा किया
फिल्म इंडस्ट्री में उम्र का भेदभाव
फिल्म उद्योग में महिला कलाकारों के लिए उम्र से संबंधित भेदभाव एक गंभीर समस्या बनी हुई है। जबकि पुरुष अभिनेता अपनी उम्र के बढ़ने पर भी लीड रोल निभाते हैं, वहीं महिलाओं को एक निश्चित उम्र के बाद ऐसे अवसर कम मिलते हैं। तापसी पन्नू ने हाल ही में इस विषय पर खुलकर चर्चा की और बताया कि उन्हें बॉलीवुड और साउथ दोनों जगह उम्र के भेदभाव का सामना करना पड़ा है। अक्सर उन्हें या तो 'बहुत युवा' या 'बहुत बूढ़ा' समझा जाता है।
तापसी पन्नू का अनुभव
एक मीडिया इंटरव्यू में, तापसी ने साझा किया कि कैसे उन्हें कई बार कुछ विशेष प्रकार के रोल के लिए 'देर हो चुकी' समझा गया है। उन्होंने बताया कि बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में उम्र के भेदभाव का अनुभव किया है। उन्होंने कहा, 'जब आप अपनी पहचान बनाते हैं, तब तक आप 30 साल के हो चुके होते हैं। फिर कहा जाता है कि आप रोमांटिक कॉमेडी में काम करने के लिए युवा नहीं हैं।' तापसी ने यह भी कहा कि कई बार उन्हें लगता है कि किसी रोल के लिए वास्तव में युवा कलाकार की आवश्यकता नहीं है, फिर भी उन्हें कम उम्र की अभिनेत्रियों की तलाश रहती है।
साउथ में भी भेदभाव का सामना
तापसी ने यह भी बताया कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी उन्हें उम्र से जुड़े भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, 'जब मुझे किसी सीनियर एक्टर के साथ कास्ट किया जाता, तो युवा अभिनेता मेरे साथ काम करने से कतराते थे। वे कहते थे, 'नहीं, वह उस अभिनेता के साथ काम कर चुकी है, तो अब...'। शाहरुख़ खान के साथ काम करने के बाद एक अभिनेत्री की जिंदगी बदल जाती है, लेकिन साउथ में मेरे लिए यह टैबू था।'